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बढ़ी पेनाल्टी फीस वापस होने से आरटीओ को दो करोड़ का झटका

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बढ़ी पेनाल्टी फीस वापस होने से आरटीओ को दो करोड़ का झटका
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- वर्ष 2016 में परिवहन विभाग ने वाहनों की फिटनेस, डीएल नवीनीकरण, री-रजिस्ट्रेशन आदि में बढ़ा दी थी पेनाल्टी फीस
- एक हजार से ज्यादा गाड़ियों पर प्रतिदिन लग रही थी 50 रुपये प्रतिदिन पेनाल्टी
- मद्रास हाईकोर्ट ने लगाई थी फैसले पर रोक, सॉफ्टवेयर में करना पड़ा संशोधन

राजदीप जाखड़
मेरठ। फिटनेस, डीएल नवीनीकरण और री-रजिस्ट्रेशन आदि की बढ़ी पेनाल्टी फीस वापस होने से जहां लोगों को बड़ी राहत मिली है वहीं आरटीओ को करीब दो करोड़ राजस्व का झटका लगा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद परिवहन विभाग ने सॉफ्टवेयर में भी संशोधन कर दिया है। शुक्रवार से लोगों को राहत मिलनी शुरू हो जाएगी।
गत 29 दिसंबर 2016 को केंद्र सरकार ने वाहनों की फिटनेस, डीएल नवीनीकरण और री-रजिस्ट्रेशन में देरी होने पर पेनाल्टी फीस में भारी बढ़ोतरी करने का सर्कुलर जारी किया था। सर्कुलर के अनुसार वाहन की फिटनेस तिथि निकलने के बाद वाहन स्वामी को 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनाल्टी फीस देनी होती थी। डीएल नवीनीकरण के लिए 1000 रुपये और 10 और 15 साल पूरे कर चुके डीजल व पेट्रोल वाहनों को री-रजिस्ट्रेशन के लिए 500 रुपये पेनाल्टी फीस देनी पड़ती थी। पेनाल्टी फीस में पहले के मुकाबले दस गुना तक वृद्धि होने से लोगों की जेब पर भारी भार पड़ रहा था। फिटनेस टूटने पर वाहन स्वामियों ने बढ़ी पेनाल्टी फीस की वजह से फिटनेस कराना बंद कर रखा था। पुराने हो चुके वाहनों को बेंचने के लिए फिटनेस जरूरी थी। इसे लेकर चेन्नई के ट्रांसपोर्टरों ने मद्रास हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। मद्रास हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग के जारी सर्कुलर पर रोक लगाते हुए पहले की व्यवस्था बहाल करने के आदेश दिए थे। आदेश को देखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने भी अपने सॉफ्टवेयर में संशोधन करते हुए बढ़ी पेनाल्टी फीस खत्म कर दी है।
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दो करोड़ रुपये का लगा फटका
शहर में करीब एक हजार वाहन ऐसे है जिनकी करीब एक साल से फिटनेस नहीं हो पाई है। मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद ट्रांसपोर्टर पिछले एक साल यूपी में भी इस आदेश के लागू कराने के लिए प्रयास कर रहे थे। इसके चलते उन्होंने पेनाल्टी देने से बचने के लिए वाहनों की फिटनेस भी नहीं कराई थी। 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से एक साल की 18 हजार 250 रुपये लेट पेनाल्टी फीस बैठती है। करीब एक हजार वाहनों से आरटीओ को करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये मिलते। वहीं डीएल पेनाल्टी और वाहनों के री-रजिस्ट्रेशन से भी करीब 20 लाख रुपये की कमाई होती। लेकिन लेट पेनाल्टी फीस की वापसी से ट्रांसपोर्टरों के साथ लोगों को भी भारी राहत मिली है।
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शुक्रवार से मिलेगी राहत
वर्ष 2016 में बढ़ी फिटनेस, डीएल नवीनीकरण और री-रजिस्ट्रेशन पेनाल्टी फीस हाईकोर्ट के आदेश के बाद वापस हो गई है। इसका संशोधन सॉफ्टवेयर में भी करा दिया है। शुक्रवार से लोगों को राहत मिलनी शुरू हो जाएगी। - डॉ. विजय कुमार आरटीओ मेरठ
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