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बढ़ी रफ्तार, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का स्ट्रक्चर बनना शुरू

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बढ़ी रफ्तार, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का स्ट्रक्चर बनना शुरू
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- मोहिउद्दीनपुर में प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, यहां बनने हैं दो ओवर ब्रिज
- रेलवे फ्लाईओवर पर तेजी से कार्य हुआ शुरू, मिट्टी को किया गया समतल
दीपक भारद्वाज
मेरठ। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की रफ्तार अब बढ़ने लगी है। खुर्जा से लुधियाना सेक्शन पर स्थित मेरठ के मोहिउद्दीनपुर में कार्य तेजी से हो रहा है। मोहिउद्दीनपुर में एक रेलवे फ्लाईओवर और एक ओवरब्रिज बनाया जाना है। इसके लिए पाइल कैप (स्ट्रक्चर निर्माण) का कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं, पूरे हिस्से में मिट्टी को समतल कर दिया गया है। साइट पर एलएंडटी के लगभग एक दर्जन से अधिक कर्मचारी डटे हुए हैं।
पिछले लगभग पांच महीने पहले यहां कार्य शुरू किया गया था। इसके बाद कभी बारिश तो कभी मजूदरों की कमी होने की वजह से प्रोजेक्ट धीमा पड़ गया था, लेकिन एलएंडटी इंजीनियरों के मुताबिक अब जल्द यहां कार्य पूरा कर लिया जाएगा। जिससे कार्य को आगे बढ़ाया जा सके। इस साइट पर पाइल लोड टेस्ट (मिट्टी की जांच) कार्य पूरा हो गया है।
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सिर्फ दो ओवरब्रिज और 15 फुट ऊंचा मिट्टी का स्ट्रक्चर
मोहिउद्दीनपुर से गुजरने वाले इस सेक्शन पर दो ओवरब्रिज के साथ बाकी का स्ट्रक्चर मिट्टी का बनाया जाना है। इंजीनियरों का कहना है कि 15 फुट तक मिट्टी का भराव किया जाएगा। जिस पर मालगाड़ी चलती नजर आएगी। वहीं, दो ओवरब्रिज के लिए किए गए गड्ढाें की गहराई दो मीटर, चौड़ाई 9 मीटर और लंबाई 16 मीटर रखी गई है।
मिडिल एलाइनमेंट के लिए लगाए निशान
बुधवार को साइट पर तेज गति से कार्य किया गया। एक तरफ रेलवे ओवरब्रिज के लिए जेसीबी मशीन गड्ढा खोदने का कार्य कर रही थी। वहीं, दूसरी ओर इंजीनियरों की टीम ट्रैक की मिडिल एलानमेंट के लिए निशान लगा रही थी। जिससे ट्रैक को सीधे आकार में दिल्ली-मेरठ हाइवे को पार कर दूसरे हिस्से में ले जाया जा सके।
72 कुंतल के वजन से पाइल लोड टेस्ट
स्ट्रक्चर बनाने से पहले पाइल लोड टेस्ट किया गया। 75 कुंतल वजन के हैमर को ऊंचाई से गिराकर लोड की जांच की गई। जिससे वजन झेलने की क्षमता का पता लग सके। वहीं, पाइल कैप के लिए स्ट्रक्चर को पूरा करने के लिए अगले एक-दो दिनों में सरियों को चारों तरफ बांधा जाएगा।
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एक नजर में प्रोजेक्ट
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
यह होगा फायदा - इस प्रोजेक्ट के बन जाने के बाद आसानी से मालगाड़ी से आने वाला सामान बिना किसी व्यवधान के जल्द से जल्द एक राज्य से दूसरे राज्यों में भेज दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 100 किमी प्रतिघंटे से अधिक की रफ्तार से मालगाड़ी चलाई जाएंगी।
कुल किलोमीटर - 1856
कोलकाता से लुधियाना तक
दो चरणों में बांटा गया है रेलवे ट्रैक
डबल ट्रैक - 1409 किमी
पश्चिम बंगाल के दनकौनी से खुर्जा तक
सिंगल ट्रैक - 447 किमी
लुधियाना से खुर्जा तक
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