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डॉक्टर और बाबू पर शिकंजा कसने की तैयारी

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डॉक्टर और बाबू पर शिकंजा कसने की तैयारी
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सिपाही भर्ती में मेडिकल में पकड़ा गया था दलाल ओंकार
पीडब्लूडी कर्मचारी की जिला अस्पताल में 20 साल से पैठ
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
सिपाही भर्ती में मेडिकल पास कराने के नाम पर अवैध वसूली करने वाले दलाल को जेल भेजने के बाद पुलिस ने अब जिला अस्पताल के बाबू और डॉक्टर पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। जांच में सामने आया है कि पीडब्लूडी का जो कर्मचारी जेल भेजा गया है, वह जिला अस्पताल के बाबू का रिश्तेदार है। उसकी अस्पताल में 20 साल से पैठ है। अस्पताल के अधिकांश स्टाफ को यही पता है कि ओंकार यहीं पर कर्मचारी है।
पुलिस लाइन में सिपाही भर्ती 2018 के लिए 13 अप्रैल से मेडिकल चल रहे हैं। मेरठ के 1094 अभ्यर्थियों का मेडिकल होना था। परतापुर के ढिंडाला गांव निवासी अभ्यर्थी लवी सिंधू ने भर्ती बोर्ड के नोडल अधिकारी संजीव बाजपेई से शिकायत की थी कि एक डॉक्टर ने उसे पर्ची पर एक मोबाइल नंबर लिखकर दिया है। डॉक्टर ने कहा था कि फोन आएगा। उसे 15 हजार रुपये दे देना, नहीं तो मेडिकल में फेल कर दिया जाएगा। इसके बाद पुलिस ने पीडब्लूडी कार्यालय के पास से दलाल ओंकार को गिरफ्तार किया था। नोडल अधिकारी संजीव बाजपेई का कहना है कि दलाल ने पूछताछ में बताया कि जिला अस्पताल के बाबू राजहंस के कहने पर यह काम किया था। यह बाबू राजहंस सीएमओ के यहां से भी जुड़ा है। डॉक्टर की भूमिका भी संदिग्ध आई है।
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भर्ती पैनल से डॉक्टर को हटाया
नोडल अधिकारी का कहना है कि सिविल लाइन थाने में दर्ज केस की विवेचना सीओ सिविल लाइन हरिमोहन को दी गई है। इस मामले में सिविल लाइन इंस्पेक्टर अब्दुर रहमान को फटकार लगाकर आरोपी बाबू और डॉक्टर पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. मनीष को भर्ती बोर्ड के पैनल से हटाकर सीएमओ को रिपोर्ट भेजी गई है। भर्ती बोर्ड को भी रिपोर्ट भेजी गई है। विवेचना में कॉल डिटेल और मोबाइल की सीडीआर के आधार पर पुलिस डॉक्टर और बाबू राजहंस पर पर भी शिकंजा कसेगी। मामले में एसपी ट्रैफिक ने सीएमओ से बात की है।
अरे साहब यह तो जिला अस्पताल में है
मेडिकल पैनल में शामिल डॉक्टरों ने एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई से और सीओ संजीव देशवाल से कहा कि जिस दलाल ओंकार को गिरफ्तार किया है। यह पीडब्लूडी का कर्मचारी नहीं बल्कि यह तो जिला अस्पताल में है। डॉक्टरों ने कहा कि यह तो 20 साल से जिला अस्पताल में ही मिलता रहा है। जिला अस्पताल के बाबू राजहंस के पास ही बैठता था।
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368 अभ्यर्थियों का नहीं मिला डेटा
सीओ संजीव देशवाल का कहना है कि मेरठ में सिपाही भर्ती मेडिकल में 1094 अभ्यर्थियों का मेडिकल होना है। लेकिन डेटा 726 का ही मिला है। 368 का डेटा नहीं मिला है। 726 अभ्यर्थियों में से 694 अभ्यर्थी आए और 32 अनुपस्थित रहे। जिनमें से 647 अभ्यर्थी ही सफल हुए। अन्य अभ्यर्थियों के लिए भर्ती बोर्ड से संपर्क किया गया है।
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