ई-टेंडरिंग से होगा अब शराब की दुकानों का आवंटन
आबकारी विभाग ने बदली नीति, शराब ठेका और मॉडल शॉप का घटाया शुल्क
तय शुल्क से ज्यादा बोली देने वाले के नाम छोड़ी जाएंगी दुकानें और मॉडल शॉप
मेरठ।
शराब की दुकानों की आवंटन नीति में एक बार फिर आबकारी विभाग ने परिवर्तन किया है। बढे़ शुल्क के बाद दुकानों का आवंटन न होने से अब पुराने ही रेट पर ई टेंडरिंग के जरिए दुकानें छोड़ने का नियम लागू किया गया है। इसके तहत चार दिन पूर्व विज्ञापन भी जारी कर दिया गया है।
प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद शराब सिंडिकेट को तोड़ने के लिए ई लॉटरी सिस्टम से शराब की दुकानों का आवंटन शुरू किया गया था। लेकिन यह प्रक्रिया बहुत जटिल हो गई थी। कई दुकानों के लिए कई बार विज्ञापन निकाला गया, लेकिन सभी दुकानें आवंटित नहीं हो पाई थीं। इसका एक कारण शराब ठेकों और मॉडल शॉप का शुल्क भी बढ़ाया जाना था। ऐसे में कई शराब दुकानों के लिए तो आवेदन भी नहीं आए। इस प्रक्रिया के तहत एक नियम यह भी था कि जो दुकान बीते वर्ष की बिक्री के लक्ष्य को पूरा कर लेगी, उसका नवीनीकरण हो जायेगा। अन्यथा नये सिरे से आवंटन होगा। इस प्रक्रिया के तहत जिले की मात्र 30 प्रतिशत दुकानों का ही नवीनीकरण हो पाया।
इस वित्तीय वर्ष में आबकारी विभाग ने प्रक्रिया में बदलाव किया है। इस बार मॉडल शॉप का शुल्क पूर्व वर्ष की भांति ही कर दिया गया। लेकिन प्रक्रिया को ई लॉटरी के बजाए ई टेंडरिंग में डाल दिया है। ताकि निर्धारित शुल्क से ऊपर बोलीदाता को दुकान आवंटित हो सके और अतिरिक्त राजस्व भी मिले। प्रक्रिया के तहत जनपद में देशी शराब की 75, अंग्रेजी शराब की 30, बीयर की 12 और मॉडल शॉप 11 सहित 5 भांग के ठेकों की नीलामी होनी है।
एक व्यक्ति को एक दुकान
ई टेंडरिंग में एक नियम पूर्व की तरह ही है। जिस व्यक्ति के नाम एक दुकान आ जाएगी, यदि दूसरी दुकान पर भी उसकी ऊंची बोली है तो उसे रद्द कर दिया जायेगा। एक व्यक्ति को एक ही दुकान का आवंटन किया जायेगा।