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सीसीएसयू से घट जाएगा कॉलेलों-छात्रों का बोझ

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सहारनपुर और मेरठ मंडल के सभी जिलों के लिए जरूरी
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सहारनपुर में विवि से घटेगा सीसीएसयू का बोझ
-10 करोड़ मिला बजट, शामली, मुजफ्फरनगर व सहारनपुर के कॉलेज होंगे शामिल
-सीसीएसयू से कम हो जाएंगे करीब 190 कॉलेज और 70 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स
मेरठ।
सहारनपुर में राज्य विवि निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 10 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। इससे सहारनपुर मंडल के छात्र-छात्राओं को फायदा होगा। साथ ही सीसीएसयू मेरठ से करीब 190 कॉलेज और 70 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं कम हो जाएंगे। शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के कॉलेज इस विवि से संबद्घ किए जाएंगे। नए कॉलेजों का भी विस्तार होगा।
सन् 1965 में बनी चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के तहत नौ जिलों के कॉलेज आते हैं। इसमें मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिले के कॉलेज हैं। वर्तमान में सीसीएसयू से करीब एक हजार कॉलेज संबद्ध हैं। छात्र-छात्राओं की संख्या भी साढ़े चार लाख के आसपास है। बीते 53 सालों में विवि में कॉलेज तो 25 गुना बढ़े, लेकिन संसाधन नहीं। कर्मचारी की संख्या भी जस की तस है। ऐसे में परीक्षा से लेकर रिजल्ट और प्रवेश तक में समस्याएं आ रही हैं।
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छात्र-छात्राओं को मिलेगी राहत
सीसीएसयू के नौ जिलों में एडेड और राजकीय कॉलेजों की संख्या 68 है। इसके अलावा यूजी-पीजी में ट्रेडिशनल और प्रोफेशनल कोर्स के साथ ही बीएड के कॉलेजों की संख्या 1000 है। इनमें से सहानपुर मंडल में 11 एडेड कॉलेज हैं। नौ राजकीय और 180 से ज्यादा सेल्फ फाइनेंस कॉलेज हैं। इन कॉलेजों में 70 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। राज्य विवि बनने से ये सभी उससे संबद्घ हो जाएंगे। ऐसे में सैकड़ों किलोमीटर दूर से सीसीएसयू कैंपस काम कराने आने वाले छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी।
गौतमबुद्घनगर की तरहन हो जाए राजनीति
प्रदेश सरकार ने 2002 में गौतमबुद्धनगर में गौतमबुद्ध राज्य विवि की स्थापना की थी। उम्मीद जगी थी कि इस विवि से गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर और नोएडा के कॉलेज संबद्ध हो जाएंगे। लेकिन इसके निर्माण के बाद प्रदेश में सरकार बदल गई। राजनीति के चलते तीनों जिलों के कॉलेजों को इससे नहीं जोड़ा गया। अगर इन जिलों के कॉलेज गौतमबुद्ध राज्य विवि से जुड़ जाते तो सीसीएसयू का काफी बोझ कम हो जाता।
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कई बार उठ चुकी थी मांग
सीसीएसयू से कॉलेजों और छात्रों को कम करने के लिए पहले भी कई बार मांग उठी, लेकिन प्रदेश सरकार ने ध्यान नहीं दिया। सीसीएसयू के कई कुलपतियों ने भी सालों पहले नया विवि खोलने के लिए सरकार को पत्र लिखे, लेकिन ये योजना आगे नहीं बढ़ पाई। अब सरकार ने 10 करोड़ का बजट विवि के लिए जारी किया है।
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