ग्राम प्रधान को उकृष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री कर चुके हैं पुरस्कृत
तपेश त्यागी
खरखौदा। केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) योजना के तहत ग्राम फफूंडा में 408 शौचालयों का निर्माण कराया गया था। इसके बाद गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। वहीं, उत्कृष्ट कार्यों के लिए ग्राम प्रधान को मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया चुका है। हालांकि यहां पर ओडीएफ महज कागजों में ही सीमित है। हालांकि धरातल पर करीब 100 शौचालयों के नाम पर महज चारदीवारी खड़ी की गई हैं।
केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त करने की मुहिम चलाई गई। जिसमें इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए डीएम समेत जिले के सभी अधिकारियों को लगाया गया था। वर्ष 2017-18 में गांव फफूंडा को भी ओडीएफ घोषित किया गया। जिसमें सरकारी मदद से ग्राम प्रधान द्वारा गांव में गरीबों के 408 शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसके बाद गांव को ओडीएफ घोषित कर बोर्ड लगा दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार गांव में करीब 100 शौचालय ऐसे हैं जो मानक के अनुरूप नहीं हैं। जिसके चलते ये बंद पडे़ हैं। इनमें किसी में सीट नहीं लगी है, किसी की महज चारदीवारी बनाकर दरवाजा लगा दिया गया। इतना ही नहीं लाभार्थी का नाम भी अंकित करा दिया गया। कई शौचालयों के सेफ्टी टैंक भी नहीं बने हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार डीएम समेत उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद जांच के लिए पहुंचे अधिकारी ग्राम प्रधान के आवास तक जाकर रह जाते हैं।
शौच के लिए कहां जाते हैं ये 100 परिवार
इस योजना अंतर्गत गांव में 408 शौचालय बनाकर जिले की टीम द्वारा ओडीएफ घोषित कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव को ओडीएफ घोषित करने से पहले अधिकारी मौके पर जाकर देखते तो शायद ऐसा न होता। जो शौचालय मानक के अनुरूप नहीं हैं उन पर भी लाभार्थियों के नाम अंकित कर दिए गए हैं। गांव में करीब सौ शौचालय बंद पड़े हैं। ये परिवारों शौच के लिए कहां जा रहे हैं। इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
अगर ऐसा गंभीर मामला है तो इसकी जांच कराई जाएगी। टीम गठित कर इन शौचालयों की जांच होगी अगर यह सही निकलेगा तो ग्राम प्रधान और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
आर्यका अखौरी, मुख्य विकास अधिकारी
सभी पात्रों के शौचालय बनवाये गए हैं। यदि इनमें से 100 शौचालय बंद हैं तो मामले की जांच कराकर नोटिस दिया जाएगा।-ललित प्रधान, ग्राम प्रधान फफूंडा
उन्हें इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि मामला ऐसा है तो गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। -सत्यपाल त्यागी, एडीओ पंचायत
ये तो गंभीर मामला है। एक गांव में इतनी खामियां जो ओडीएफ घोषित हो गया। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-ब्रह्मचारी दूबे, जिला पंचायत राज अधिकारी मेरठ