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इंटरनेशनल यूथ डे- महनत से बनाया मुकाम, सपने देश का नाम रौशन करने के

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हर क्षेत्र में अपना जलवा बिखेर रहे युवा
मेरठ। खेल का मैदान हो या फिर शिक्षा का क्षेत्र, कला, इनवेंशन सभी में मेरठ शहर के युवा अपनी धाक जमाए हुए हैं। मॉडलिंग की जगमगाती दुनिया हो या बॉलीवुड की चकाचौंध शहर के युवा बड़े परदे पर अपनी छाप छोड़ रहे है। अंतराराष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर अमर उजाला ने ऐसे ही युवाओं के विचार जाने जो अपने मेहनत के दम पर आसमान की ऊंचाइयां छू रहे है और देश का नाम विश्व पटल पर चमकाने का सपना अपनी आंखों में पाले है।
शहर हो या देहात क्षेत्र। जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। कमी है तो बस उन्हें तराशने की। सही दिशा में ले जाने की। युवाओं की माने तो उनकी इच्छाएं असीमित है। शहर के युवा जिले का ही नहीं देश का नाम विश्व पटल पर चमकाने का हौंसला रखते है। मवाना के गांव सोना निवासी श्रीपाल सिंह के बेटे शुभम चौधरी राष्ट्रीय ताइक्वांड़ो खिलाड़ी है। शुभम का सपना अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने का है। शुभम ने 2013 में दिल्ली में हुई राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक जीता। उसके बाद 2014 में बरेली में ओपन नेशनल चैंपियनशिप में रजत पदक पर कब्जा जमाया, 2015 में लखनऊ में हुई स्टेट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक और 2018 में जम्मू- कश्मीर में हुई नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया। अब कोरिया कप इंटरनेशनल चैंपियनशिप में जाने के लिए तैयारी है प्रतियोगिता सितंबर माह में होगी। शुभम का छोटा भाई अर्जुन भी राज्य स्तरीय खिलाड़ी है।
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सबसे कम उम्र के रैफरी बने मिर्जा उमर बेग
अपने हुनर से 18 वर्ष की उम्र में लालकुर्ती निवासी मिर्जा उमर बेग बास्केटबॉल खिलाड़ी होने के साथ कोच और देश के सबसे कम उम्र में पहले रेफरी होने का दावा करते हैं। एथलेटिक्स से शुरू हुए इस खेल का जुनून उन्हें फुटबॉल खिलाड़ी से लेकर नेशनल बॉस्केटबॉल खिलाड़ी तक ले गया। पिता मिर्जा सहबाज बेग से बॉस्केटबाल के गुण सीखकर उन्होंने अनेक मेडल जीते। उन्होेंने नोएडा में 2017 में हुई नेशनल बॉस्केटबाल प्रतियोगिता, फिर 2018 में पंजाब में नेशनल प्रतियोगिता में जगह बनाई वहीं अंडर- 16 व 19 में स्टेट चैंपियनशिप में खेलते हुए 05 बार चैंपियन रहे और पदक पर कब्जा जमाया। जून माह में वह कानपुर में स्टेट चैंपियनशिप में अंडर- 13 के कोच की भूमिका निभाते हुए खिलाड़ियों को पदक जितवाया।

लाइनमैन लाइफ सेविंग सिस्टम बनाकर बचाएंगे जान
गंगानगर निवासी 23 वर्षीय अक्षयराज और वैभव शर्मा आईआईएमटी स्थित रिसर्च लैब में रिसर्च साइंटिस्ट हैं। अक्षय ने बताया कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रतिवर्ष करीब 1500 लाइनमैन की काम करते समय करंट से मौत हो जाती है। यह मौतें बिजलीघर में शटडाउन लेने के बाद भूलवश चालू की गई लाइन से होती हैं। इसी को ध्यान में रखकर उन्होंने वैभव के साथ मिलकर लाइनमैन लाइफ सेविंग सिस्टम तैयार किया है। जो बिजलीघर में लगा होगा। लाइनमैन का मोबाइल नंबर उससे जुड़ा होगा। फाल्ट सही करने जाते समय एक पासवर्ड जनरेट होकर लाइनमैन को मिलेगा जिसके बाद लाइन शटडाउन हो जाएगी। फाल्ट सही होने पर लाइनमैन उस पासवर्ड को मशीन में बताएगा। उसके बाद एक ओटीपी के जरिए नए कोड लाइनमैन के मोबाइल पर आएगा। उस कोड को मशीन में फीड करने पर लाइन चालू हो सकेगी। बगैर लाइनमैन की इजाजत के लाइन चालू करना संभव नहीं होगा।

ये भी है शान---
इन्होंने भी रोशन किया शहर का नाम
अपनी तेज गेंदबाजी से प्रतिद्वंदियों को क्लीन बोल्ड करने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार गंगानगर निवासी है। उन्होेंने स्टेडियम में क्रिकेट की प्रैक्टिस की है। पिता किरनपाल सिंह पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हैं वह अपनी गेंदबाजी की बदौलत ही भारत की टीम में जगह बनाए हुए हैं वह टीम में युवा चेहरे के तौर पर पेश किए जाते हैं।

आईएसएसएफ विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचने वाले मवाना खुर्द निवासी शहजर रिजवी का शूटिंग में बड़ा नाम हैं। उन्होंने पिछले दिनों दक्षिण कोरिया में हुई वर्ल्डकप में 10मी. एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीता। शहजर 1654 रेेटिंग के साथ शीर्ष पर रहने वाले इस शूटर ने देश में ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन किया है। वह एक उभरते खिलाड़ी के रूप में जाने जाते हैं।

नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर सना खान के कार्य की वीडियो प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात में दिखाई जा चुकी है। गोवर्धन योजना के तहत सना ने अपना वर्मी कंपोस्ट का काम शुरू किया है। वर्तमान समय में दो सौ से अधिक कर्मचारी सना के प्रोजेक्ट में काम करते हैं।
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मवाना क्षेत्र के गांव भैंसा निवासी प्रिया सिंह अंतर्राष्ट्रीय शूटर हैं। उन्होंने अनेक विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीते हैं। पिछले दिनों जर्मनी में हुई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रिया सिंह ने भाग लिया। 19 साल की शूटर प्रिया सिंह लगातार शूटिंग की प्रैक्टिस ले रहीं है आने वाली प्रतियोगिताओं में वह प्रतिभाग करेंगी।


खास बातें:
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेष
- विश्व पटल पर देश का नाम चमकाने का हैं सपना
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