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जिला बागपत में आज भी चूल्हा फूंक रही हैं हजारों उज्जवलाएं

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बागपत। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से आर्थिक रूप से कमजोर घरों में गैस सिलिंडर तो पहुंचे, लेकिन चूल्हे इन घरों में अभी भी जल रहे हैं। किसी ने सिलिंडर की रीफिलिंग नहीं कराई तो कोई महंगी गैस बचाने के लिए चूल्हा फूंक रही है। कोई चाय गैस पर बना लेती है तो भोजन चूल्हे पर पकाती है। ऐसे में योजना अपने मक सद से भटक रही है।
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योजना का उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य की रक्षा और दूसरा स्वस्थ ईंधन के प्रयोग को बढ़ावा देना था, लेकिन बागपत में ऐसा होता नहीं दिख रहा है। जिला मुख्यालय से सटे हमीदाबाद गांव की हनीफा कहती हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए बार-बार सिलिंडर नहीं भरवा पा रहे हैं, जब रुपये होते हैं, तब भरवा लेते हैं। फिलहाल इनके घर में सिलिंडर खाली रखा है और चूल्हे पर परिवार के लिए रोटियां बन रही हैं। इसी गांव की संजीदा कहती हैं कि गैस महंगी है। बार-बार कैसे भरवा सकते हैं। कोशिश करते हैं कि अधिकतर काम चूल्हे पर कर लिया जाए, ताकि एक बार गैस सिलिंडर भरवाने के बाद यह कई महीने तक चलें। नया गांव हमीदाबाद के 40 से अधिक परिवारों को योजना का लाभ मिला है, हर घर में यही कहानी दिखती है। देहात क्षेत्र के अधिकतर परिवार शाम का खाना गैस के बजाए चूल्हे पर ही करते हैं। अंगीठी जलाई जाती है। सुबह के समय अगर बिजली होती है तो नाश्ता हीटर पर बनता दिख जाएगा। एसडीएम विवेक कुमार यादव ने कहा उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य कि भी सुरक्षा कि जा सकती है। अशुद्ध जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करना और शुद्ध ईंधन के उपयोग को बढ़ाकर प्रदूषण में कमी लाना भी योजना के प्रमुख लक्ष्यों में से एक हैं।

लाभार्थियों पर उठाए सवाल
बागपत। नया गांव हमीदाबाद की महिलाओं ने कहा जिले में कुछ ऐसे परिवारों को लाभ दिया है, जो पात्र नहीं है। जिला पूर्ति अधिकारी चमन शर्मा कहते हैं कि इसकी जांच कराई जाएगी। अगर किसी अपात्र को कनेक्शन मिल गया है तो इसे निरस्त कराया जाएगा। हालांकि पूरी जांच के बाद ही कनेक्शन दिए जाते हैं।
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254 रुपये में भरेगा छोटा गैस सिलिंडर, 76 रुपये मिलेगी छूट
बागपत। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थी बीपीएल परिवारों को गैस सिलिंडर रीफिल कराने में आ रही आर्थिक परेशानी को देखकर नई पहल की गई है। जो परिवार 14 केजी का सिलिंडर नहीं भरवा सकते हैं, अब उनके लिए पांच किलो के सिलिंडर का विकल्प खोल दिया। पांच-पांच केजी के दो सिलिंडर ले सकते हैं। छोटे सिलेंडर को रीफिल कराने में 254 रुपये खर्च होंगे, इनमें से 76 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
उज्जवला योजना से लाभान्वित अधिकतर परिवारों ने सिलिंडर रीफिल नहीं कराएं। इसकी वजह तलाश की गई तो सामने आया कि मजदूर वर्ग के लोगों के लिए करीब 700 रुपये खर्च कर सिलिंडर भरवाना आसान नहीं है। जिला पूर्ति अधिकारी चमन शर्मा और गैस एजेंसी संचालक अजय चौहान ने बताया 14.2 किलो के सिलिंडर के विकल्प के तौर पर पांच किलो का सिलिंडर उपलब्ध कराया है। लाभार्थी अब बड़े सिलिंडर को लौटाकर पांच-पांच केजी के दो सिलिंडर ले सकता है। लाभार्थियों के पास इसके मेसेज पहुंचने शुरू हो गए हैं और एजेंसियों पर सिलिंडर भिजवाए जा रहे हैं।
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