मेरठ। महापौर ने आगामी चार जनवरी को परिचय बोर्ड बैठक बुलायी है। मुख्य एजेंडा परिचय ही बताया जा रहा है। लेकिन जिस तरह से पार्षदों की तैयारियां चल रही हैं, उससे माना जा रहा है कि इसी परिचय बोर्ड बैठक को पहली बोर्ड बैठक का दर्जा न दे दिया जाए। वहीं, महापौर खेमे से मिल रहीं सूचनाओं को सही मानें तो बैठक में वंदेमातरम पर बात बन सकती है। वंदेमातरम का विरोध चुनिंदा मुस्लिम पार्षद ही करेंगे।
शासनादेश के मुताबिक नौ जनवरी से पहले नगर निगम की नवनिर्वाचित बोर्ड बैठक होनी है। उसी के तहत महापौर सुनीता वर्मा ने आगामी चार जनवरी को परिचय बोर्ड बैठक बुलाने की बात कही है। महापौर ने इस आशय का नगरायुक्त को पत्र भी भेज दिया है। हालांकि अभी तक नगरायुक्त ने बोर्ड बैठक के लिए अपना रुख साफ नहीं किया है। लेकिन इतना जरूर है कि सभी पार्षदों ने बोर्ड बैठक में अपने प्रस्ताव रखने की तैयारी शुरू कर दी है। क्षेत्र की जनता ने पार्षदों को अपनी समस्याओं से भी अवगत कराना शुरू कर दिया है।
तो यही होगी बोर्ड बैठक
महापौर ने बोर्ड बैठक में परिचय को ही मुख्य एजेंडा बताया है। भाजपाई भी वंदेमातरम के साथ-साथ विकास के प्रस्तावों को लेकर गंभीर दिख रहे हैं। उधर, महापौर खेमे से खबर है कि वह इस परिचय बोर्ड बैठक में वंदेमातरम के विरोध से बचेंगे। वहीं, पार्षद भी अपने प्रस्ताव रखने की तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार यदि इस परिचय बैठक में माहौल ठीक रहा और प्रस्ताव बिना किसी उठापटक के पेश हो गए तो इसे ही बोर्ड बैठक मान लिया जाएगा। अगर महापौर खेमा वंदेमातरम पर सहमत हो जाता है तो मुस्लिम पार्षद ही विरोध में अकेले खड़े रह जाएंगे।
खास बातें:
- महापौर ने चार जनवरी को बुलायी परिचय बोर्ड बैठक
- नगरायुक्त ने बोर्ड बैठक पर नहीं किया अभी रुख साफ
- सूत्रों के अनुसार इसी बैठक को माना जा सकता है बोर्ड बैठक