शिक्षा का नहीं, आतंक का मंदिर है देवबंद: गिरिराज
देवबंद (सहारनपुर)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि देवबंद शिक्षा का नहीं, आतंक का मंदिर है। उन्होंने कहा कि आतंकी हाफिज सईद और बगदादी भी यहीं के विद्यार्थी रहे हैं, जैसा कि मुझे लोगों ने बताया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जब अन्य शहरों के नाम बदले जा रहे हैं तो देवबंद का नाम बदलकर देववृंद करने में क्या हर्ज है। बुधवार को कस्बा देवबंद में देवीकुंड रोड स्थित श्री महाकालेश्वर ज्ञान मंदिर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि गुरुकुल से कोई भी बच्चा आज तक आतंकवादी नहीं निकला, लेकिन यह पता नहीं कि देवबंद शिक्षा का मंदिर है या आतंक का मंदिर, यहां मानवता के कल्याण के लिए शिक्षा दी जाती है या मानव का संहार करने की, क्योंकि बगदादी मानव का संहार कर रहा है और हाफिज सईद ने भारत में 26/11 के हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि यह दोनों देवबंद के ही विद्यार्थी हैं, जैसा कि लोगों ने मुझे बताया है। इससे पहले एक बैठक में उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि 1947 में नेहरू ने अगर काशी, मथुरा व अयोध्या का विवाद सुलझा लिया होता, तो आज यह हालात पैदा नहीं होते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वोट की खातिर शुरू से ही नफरत फैलाने का काम किया।
गिरिराज का बयान देवबंद वासियों का अपमान: उलमा
देवबंद (सहारनपुर)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान की देवबंदी उलमा ने कड़ी निंदा की है। मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड़ ने कहा कि इन लोगों की नीयत देश की आजादी से लेकर आज तक साफ नहीं हुई। उन्होंने कहा कि गिरिराज सिंह का ऐतिहासिक स्थान पर आकर पवित्र संस्था के बारे में अपशब्द कहना यह दर्शाता है कि यह मुल्क के अंदर आज भी अंग्रेजों की लड़ाओ और राज करो की नीति को अपना कर राज कर रहे हैं।