फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सख्ती से लागू करें कानून, बचाएं बेटियां

विज्ञापन
विज्ञापन
सख्ती से लागू करें कानून, बचाएं बेटियां
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। आईएमए हॉल में रविवार को इंडियन रेडियोलॉजिस्ट एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) ने कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें बेटियां बचाने के लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया। यूपी में हरियाणा मॉडल लागू करने और मुखबिर योजना पर अमल करने को कहा गया।
विज्ञापन

आईआरआईए मेरठ ब्रांच द्वारा पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) एक्ट और वुमन इमेजिंग विषय पर हुई इस कार्यशाला में आईआरआईए इंडिया के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जिग्नेश ठक्कर एवं हरियाणा राज्य के ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ प्रोजेक्ट के प्रमुख डॉ. जीएल सिंघल समेत 125 चिकित्सकों शामिल हुए। डॉ. जीएल सिंघल ने बताया कि पीसीपीएनडीटी कानून को सख्ती से लागू करने के बाद अब हरियाणा राज्य में लिंग जांच में अप्रत्याशित कमी आई है। लिंगानुपात जहां 2012 में 1000 लड़कों पर 750 लड़कियां था, वह अब 2017 में सुधर कर 1000 लड़कों पर 900 लड़कियां हो गया है। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि रेडियोलॉजिस्ट को इस तरह काम करना चाहिए कि लिंग जांच के लिए कोई उन पर उंगली न उठा सके। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजकुमार ने बतायाकि रेडियोलॉजी सेंटर प्रमुख को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन कानून का पालन जरूर कराया जाएगा। उन्होंने मुखबिर योजना केविषय में भी बताया। कार्यक्रम में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. तनुज गर्ग, आईआरआईए मेरठ के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष टंडन, डॉ. एनी अग्रवाल, डॉ. विनीत नंदा, डॉ. सुभाष बालियान, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. हिमानी अग्रवाल आदि रहे। इसमें रेडियोलॉजिस्ट की समस्याओं को प्रमुख रूप से उजागर किया गया।
विज्ञापन


खास बात
आईएमए हॉल में इंडियन रेडियोलॉजिस्ट एंड इमेजिंग एसोसिएशन ने किया कार्यशाला का आयोजन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें