मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को खाद्य एवं औषधीय मशरूम उत्पादन पर 21 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्यमिता विकास के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सेना के जवानों ने प्रतिभाग किया। मुख्य उद्देश्य कम लागत में अधिक आय के अवसर उपलब्ध कराना, मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में प्रोत्साहित करना था। कुलपति प्रो. डॉ. केके सिंह ने कहा कि मशरूम उत्पादन एक लाभकारी, पोषण से भरपूर व्यवसाय है। इसे कम स्थान और सीमित संसाधनों में भी सफलतापूर्वक अपनाया जा सकता है। बताया कि खाद्य एवं औषधीय मशरूम स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं और भविष्य में इसकी मांग बढ़ने वाली है। कार्यक्रम के दौरान जवानों को विभिन्न प्रकार के मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में लगभग 33 सेना के जवानों ने प्रशिक्षण लिया। इन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। समापन समारोह में कुलसचिव डॉ. रामजी सिंह, डॉ. गोपाल सिंह, डॉ. विवेक धामा, डॉ. पीके सिंह, डॉ. डीवी सिंह, डॉ. प्रशांत मिश्रा, डॉ. रमेश सिंह आदि मौजूद रहे।