एएमयू की प्रोफेसर और पति को जमानत मिली
फर्जी बैनामा और इकरारनामा करने का था आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. निगार खान और उनके पति मोईनुद्दीन खान की जमानत अर्जी को स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण प्रथम इरफान कमर की कोर्ट ने स्वीकार करते हुए जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार डॉ. निगार खान अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। डॉ. निगार खान व उनके पति मोईनुद्दीन खान पर थाना नौचंदी मेरठ में केस दर्ज चला आ रहा था। जिसमेें आरोप था कि इन लोगों ने जली कोठी स्थित संपत्ति का मालिक न होने के बावजूद भी अपने को मालिक बताते हुए कुछ लोगों के पक्ष में बैनामा व इकरारनामे किए थे। जिस पर इनके खिलाफ धोखाधड़ी सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। अदालत ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। लेकिन आरोपी अदालत में पेश नहीं हो रहे थे। जिस पर छह मई 2019 को एसीजेएम प्रथम की अदालत ने दोनो आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। जेल जाने के बाद उनकी तरफ से जमानत अर्जी बुधवार को जिला जज के न्यायालय में सुनवायी हेतु नियत थी। जिसकी सुनवायी प्रभारी जिला जज स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट संख्या-1 इरफान कमर की अदालत में की गई। जिस पर आरोपियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता रोहिताश्व अग्रवाल ने तर्क रखा कि दोनाें आरोपी निर्दोष हैं और सम्मानित व्यक्ति हैं। इन्हें झूठा फंसाया गया है। जिसका विरोध जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल तोमर व वादी के अधिवक्ता मतीन ने किया। अदालत ने सुनवायी के बाद दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी को स्वीकार कर जमानती दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया है।