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शहर की सड़कों पर होर्डिंग की आड़ में बड़ी लूट

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शहर की सड़कों पर होर्डिंग की आड़ में बड़ी लूट
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- डायरेक्शन बोर्ड की आड़ में डिवाइडरों पर खड़े हैं 500 से अधिक यूनिपोल
- बीओटी मार्गों पर 24 डायरेक्शन बोर्ड लगाने की अनुमति
- ठेकेदार ने खड़े कर दिए 237 से अधिक यूनिपोल
- ठेकेदारों ने प्रचार सामग्री के लिए बेच दिए स्वागत द्वार
मेरठ। शहर की सड़कों पर होर्डिंग के रूप में प्रतिदिन बड़ी लूट हो रही है। महानगर में डिवाइडर पर हर 20 कदम पर यूनिपोल खड़े हो गए हैं। पूरे शहर की सड़कों पर लगे यूनिपोल की बात करें तो 500 से अधिक हैं। इसके अलावा सड़क किनारे तीन हजार से भी अधिक होर्डिंग लगे हैं। होर्डिंग कारोबार से हो रही आमदनी का दस पैसा भी नगर निगम कोष में नहीं पहुंच रहा है। सरकारी खजाने की खुली लूट पर जहां निगम सरकार चुप है, वहीं प्रदेश सरकार भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। लखनऊ सचिवालय में बैठे कई आला अफसरों के नाम होर्डिंग ठेकेदारों से जोड़े जाते रहे हैं।
स्वागत द्वारों पर कर लिया कब्जा
शहर में दिल्ली रोड, हापुड़ रोड, गढ़ रोड, रुड़की रोड, मवाना रोड, किला रोड, विवि रोड, बागपत रोड, सरधना रोड आदि मुख्य मार्गों पर सरकारी खजाने से स्वागत द्वार लगवाए गए थे। जिन पर शहर में आने वालों का स्वागत और अन्य मार्गों की जानकारी व डायरेक्शन लिखी थी। शहर में ये स्वागत द्वार तो अब भी हैं। लेकिन इनसे मार्गों की डायरेक्शन, विभागों की तरफ से स्वागत शब्द गायब हैं। स्वागत द्वारों पर बड़ी बड़ी कंपनियों के प्रचार हो रहे हैं। इससे होने वाली मोटी कमाई ठेकेदार की जेब में जा रही है। तमाम अधिकारी अधिकारी यहां से गुजरते हैं। लेकिन किसी ने भी शहर से गायब स्वागत द्वार और डायरेक्शन बोर्ड पर संज्ञान लेना गंवारा नहीं समझा।
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डिवाइडर रोड पर यूनिपोल का जाल
- बेगमपुल से दिल्ली रोड परतापुर तक - 65 यूनिपोल
- बेगमपुल से हापुड़रोड एल ब्लॉक तिराहा तक - 48 यूनिपोल,
- हापुड़ अड्डा चौराहा से गढ़रोड काली नदी तक - 31 यूनिपोल,
- बेगमपुल से रुड़की रोड मोदीपुरम फ्लाईओवर तक- 24 यूनिपोल,
- कमिश्नर आवास चौराहा से मवाना रोड गंगानगर बक्सर तक - 18 यूनिपोल,
- कमिश्नर आवास से विवि रोड तेजगढ़ी चौराहा तक - 28 यूनिपोल,
- तेजगढ़ी से एल ब्लॉक शास्त्रीनगर तिराहा - 23 यूनिपोल,
ये हैं छह बीओटी मार्ग
नगर निगम प्रशासन ने दिल्ली रोड, गढ़ रोड, हापुड़ रोड, कमिश्नरी आवास चौराहा से तेजगढ़ी, तेजगढ़ी से एल ब्लॉक शास्त्रीनगर, मोदीपुरम से कैंट होते हुए मवाना रोड सहित छह मार्गों को बीओटी पर दिया हुआ है। इन मार्गों के डिवाइडर और ग्रिल की रंगाई पुताई। स्ट्रीट लाइटों की रंगाई पुताई, रखरखाव और जलाने और बंद करने की जिम्मेदारी है।
यूनिपोल पर हाईकोर्ट का प्रतिबंध
नगर निगम प्रशासन की माने तो ठेकेदार को बीओटी मार्गो पर मात्र 26 स्थानों पर डायरेक्शन बोर्ड लगाने की अनुमति है। वह भी विद्युत पोलों पर। लेकिन बीओटी मार्गों पर 237 से अधिक यूनिपोल और स्वागत द्वार खड़े हो गए हैं। बीओटी मार्गों की आड़ में अन्य मार्गों पर यूनिपोल लगाकर प्रचार हो रहा है। नगर निगम और कंपनी के बीच अनुबंध में कहीं पर भी यूनिपोल पर प्रचार और डायरेक्शन का जिक्र नहीं है। यूनिपोल पर हाईकोर्ट की पूरी तरह रोक है, क्योेंकि यूनिपोल से मेरठ ही नहीं अन्य कई शहरों में लोगों की जान जा चुकी है।
वर्जन====
शहर के चौराहों पर 45 और बीओटी डिवाइडर मार्गों पर 120 यूनिपोल लगे हैं। हमने सभी की गणना कराई है। छावनी की सीमा से गुजरने वाले मार्ग भले ही बीओटी मार्गों का हिस्सा हों, लेकिन उस क्षेत्र में लगे यूनिपोल का किराया छावनी परिषद् में जमा होता है। अगर अधिक होर्डिंग और यूनिपोल लगाए हैं तो उनका किराया ठेकेदार से जुर्माने के साथ वसूला जाएगा। -राजेश कुमार, विज्ञापन प्रभारी नगर निगम।
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हमने अनुमति से अधिक यूनिपोल नहीं लगाए हैं। अनुबंध के तहत सभी काम समय पर होता है। अगर कुछ गड़बड़ है तो शहर में काम देख रहे कर्मचारियों से जानकारी की जाएगी।
-सचिन चौधरी, डायरेक्टर, अभिनव एडवरटाइजिंग कंपनी।
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