- दोनों सरकारी अस्पतालों में पांच दिन में आए तीन हजार बच्चे
- उल्टी, दस्त, बुखार और खांसी के मरीज ज्यादा
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। पहले तीन दिन तेज गर्मी और अब दो दिन से बादल, हवा और तापमान में गिरावट से बदल रहे मौसम के कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बच्चों पर इसका विपरीत असर हो रहा है। इससे वह उल्टी, दस्त और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। आलम यह है कि मेडिकल और जिला अस्पताल में करीब तीन हजार बच्चे पिछले पांच दिन में ओपीडी में आए हैं, जबकि पिछले माह सामान्य तौर पर दोनों सरकारी अस्पतालों में एक सप्ताह में भी इतने बच्चे अस्पताल नहीं आए थे।
यह सिर्फ सरकारी अस्पतालों का आंकड़ा है। यदि शहर के निजी अस्पताल भी इसमें शामिल कर लिए जाएं तो इनकी संख्या में काफी इजाफा हो सकता है। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में 18 बेड हैं, जो भरे हुए हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज में 50 बच्चे भर्ती हैं। इनमें 15 बच्चे नर्सरी वार्ड में हैं। निजी अस्पतालों की बात करें तो यहां छोटे-बड़े करीब 200 अस्पताल और नर्सिंग होम हैं, जहां काफी संख्या में बच्चे भर्ती हैं। इनमें शून्य से 8 साल तक के बच्चे ज्यादा हैं। बच्चों की प्रतिरक्षण प्रणाली ज्यादा मजबूत नहीं होती है, लिहाजा इस मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है, ताकि बच्चा स्वस्थ रहे।
बच्चों की पाचन शक्ति हो जाती है कमजोर
गर्मियों के दिनों में बच्चों की पाचन शक्ति अक्सर कमजोर हो जाती है। लिहाजा बच्चों को हल्का तथा पौष्टिक भोजन ही देना चाहिए। साथ ही उन्हें ठंडे और गर्म चीजों का सेवन एक साथ न करने दें। मौसम के अनुकूल फलों का सेवन बच्चों को कराना चाहिए, जैसे तरबूज, लीची, आम और जामुन आदि। -डॉ. विजय जायसवाल, बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज
ओपीडी में बढ़ गए मरीज
मौसम में बदलाव का असर बच्चों पर काफी दिख रहा है। शून्य से 8 साल तक की उम्र तक के ज्यादा पीड़ित हो रहे हैं। ओपीडी पहले 125-150 तक आ रहे थे, अब 200 के पार पहुंच रही है। -डॉ. श्रीओम, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
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यह बरतें सावधानी
- पानी की कमी लगी तो ओआरएस का घोल पिलाएं।
- गरिष्ठ और फ्रिज में रखा खाना न खिलाएं।
- दोबारा गर्म कर बासी खाना न दें।
- छह माह तक के बच्चे को मां का दूध ही पिलाएं।
- बच्चे के बीमार होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।