थम गया प्रचार, अब बैठकें और पंचायतें
प्रत्याशी और समर्थक रूठे लोगों को मनाने और बिरादरी को एक करने में जुटे
मेरठ।
लोकतंत्र के सबसे बड़े महोत्सव लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण में मंगलवार शाम प्रचार थम गया। अब प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने रूठों को मनाने और बिरादरी के मुखियाओं के यहां बैठक और पंचायतें करनी शुरू कर दी हैं।
लोकसभा के प्रथम चरण में होने वाले चुनाव का मतदान 11 अप्रैल बृहस्पतिवार को है। आयोग के निर्देशानुसार मतदान से 36 घंटे पहले चुनाव प्रचार बंद कर दिया जाता है। ऐसे में सभी प्रत्याशियों के प्रचार वाहनों के साथ कार्यालयों से लाउडस्पीकर उतर गए हैं। प्रचार वाहन खड़े हो गए है। जनसभा, रैली, जुलूस भी बंद हो गए है। अब प्रत्याशी या उनके समर्थक गुपचुप तरीके से घरों में जाकर संपर्क कर सकते हैं। प्रचार बंद होने के बाद सभी प्रत्याशियों, उनकी पार्टी के नेताओं और खास समर्थकों ने मतदान की रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। वह नाराज चल रहे लोगों को मनाने में जुटे हैं। खाप बिरादरी को एकजुट करने की कवायद भी शुरू हो गई है। गांवों के मुखिया के घेर में हुक्का पंचायत शुरू हो चुकी है।