60 किलो की पटरी पर मिलेगी 150 की रफ्तार
- खतौली से मुजफ्फरनगर रूट पर लगाई गईं बट वेल्डिंग प्लांट में तैयार पटरियां
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
हादसों पर अंकुश लगाने और यात्रियों को सुरक्षित रेल सफर का भरोसा दिलाने के लिए रेलवे ने ट्रैक का वजन बढ़ाया है। पिछले दिनों रेलवे की ओर से 52 किलोग्राम वजन की पटरियों को बदलकर 60 किलोग्राम की पटरियां लगाने का आदेश दिया था। इसके बाद बट वेल्डिंग प्लांट में इस काम को किया जा रहा है। पटरियों का वजन बढ़ने से ट्रेनों की रफ्तार भी 150 किमी प्रति घंटे तक बढ़ाई जा सकेगी।
कैंट स्थित बट वेल्डिंग प्लांट से 60 किलोग्राम की पटरियों के ऑर्डर तैयार किए जा रहे हैं। हाल ही में खतौली से मुजफ्फरनगर के बीच हुए दोहरीकरण कार्य में इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। अब इस ट्रैक से अधिक वजन की ट्रेेनें गुजरने पर भी पटरियां प्रभावित नहीं होंगी। इसके लिए अन्य रूटों पर भी ट्रैक बदलने का काम तेजी से किया जा रहा है।
बढ़ जाएगी ट्रेनों की गति
दिल्ली-देहरादून ट्रैक होने के कारण रेलवे इस रूट को काफी समय से अपग्रेड करने पर विचार कर रहा था। इस रूट से शताब्दी, जनशताब्दी जैसी ट्रेनें गुजरती हैं। इन दोनों ट्रेनों की गति अभी अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे है। ट्रैक के अपग्रेड होने के बाद इस रूट पर ट्रेन की गति को बढ़ाया जा सकेगा। जिससे शताब्दी अपनी पूरी रफ्तार के साथ दौड़ सकेगी।
सिटी से कैंट स्टेशन तक भी अपडेट
सिटी स्टेशन से कैंट स्टेशन तक भी कुछ हिस्सों को अपडेट किया गया है। हालांकि, अभी कुछ हिस्सा 52 किलोमीटर का भी है। आने वाले कुछ दिनों में इसको भी अपडेट कर दिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रैक के 60 किलोग्राम वजन होने से इसकी आयु 16 साल बढ़ जाएगी।
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बट वेल्डिंग प्लांट में 60 किलोग्राम की पटरियों पर ही जोड़ लगाए जा रहे हैं। खतौली से मुजफ्फरनगर के बीच 60 किलोग्राम वजन की पटरियों को लगाया गया है। -डा. विपिन, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, बट वेल्डिंग प्लांट