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नहीं रहे गांधीवादी चिंतक धर्म दिवाकर शर्मा

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नहीं रहे गांधीवादी चिंतक नेता धर्म दिवाकर शर्मा
बुधवार सुबह ढाई बजे ली अंतिम सांस, सूरजकुंड श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
शहर की जानी मानी हस्तियां पहुंचीं, 1991 में लड़ा था विधानसभा का चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। गांधीवादी चिंतक एवं कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता धर्म दिवाकर शर्मा का बुधवार तड़के करीब ढाई बजे निधन हो गया। इससे कांग्रेस में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस नेताओं के अलावा तमाम दलों के नेताओं का उनके पीएल शर्मा रोड स्थित घर पर तांता लग गया। दोपहर करीब दो बजे सूरजकुंड श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे सौरभ शर्मा ने मुखाग्नि दी।
धर्म दिवाकर अपने पीछे पत्नी प्रभा, दो बेटे सौरभ शर्मा व गौरव शर्मा और दो बेटी नूपुर शर्मा व संगीता शर्मा को छोड़कर गए हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रतिनिधि ने फोन कर शोक संवेदना प्रकट की। वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहसिना किदवई ने भी फोन कर गहरा दुख जताया। अंतिम संस्कार में पूर्व विधायक पंडित जयनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर, पूर्व मंत्री मैराजुद्दीन अहमद, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, पूर्व एमएलसी एवं मेरठ सीट से कांग्रेस प्रत्याशी हरेंद्र अग्रवाल, सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, शहर कांग्रेस अध्यक्ष कृष्ण कुमार किशनी, जिलाध्यक्ष विनोद मोघा, सपा जिलाध्यक्ष चौधरी यशपाल सिंह, डॉ. राजकुमार सांगवान, आदिल चौधरी, नवनीत नागर, हरिकिशन आंबेडकर, युगांश राणा, अभिमन्यु त्यागी, मनजीत कोछड़, रोहित गुर्जर, रोहित जाखड़, अखिल कौशिक, सुमित शर्मा, दिनेश शर्मा, अनिरुद्ध त्यागी आदि शामिल रहे। गमगीन नेताओं ने उन्हें शानदार एवं व्यवहार कुशल नेता बताया। पूर्व विधायक पंडित जयनारायण शर्मा ने कहा कि धर्म दिवाकर जैसे शालीन व ईमानदार नेता सदियों में एक पैदा होते हैं। पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर, पूर्व मंत्री डॉ. मैराजुद्दीन अहमद, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा और सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने उन्हें शानदार व्यक्तित्व का धनी बताया।
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गांधी दर्शन पर लिखीं कई किताबें
धर्म दिवाकर शर्मा ने गांधी दर्शन पर कई किताबें लिखी है। 3 नवंबर 1936 को शेरकोट जिला बिजनौर के स्वतंत्रता सेनानी परिवार में जन्मे धर्म दिवाकर शर्मा ने मेरठ कालेज से एमए, एलएलबी की पढ़ाई की थी। पढ़ाई के दौरान ही वे छात्र राजनीति में सक्रिय हो गए और लोकप्रिय नेता के तौर पर उभरे। छात्र जीवन में अहिंसक आंदोलन में भूमिका निभाने पर जेल गए। 14 साल तक वे मेरठ शहर कांग्रेस अध्यक्ष व जिला कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। मेरठ व गाजियाबाद जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन रहे। 1991 में मेरठ शहर विधानसभा सीट से कांग्रेस से चुनाव लड़े, जिसका परिणाम सांप्रदायिक दंगे के कारण सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया था। धर्म दिवाकर दूरदर्शन व आकाशवाणी के प्रमुख वार्ताकार रहे। नेहरू का राजनीतिक चिंतन, डॉ. आंबेडकर और सामाजिक न्याय पर विशेष लेखन किया। आजाद के 50 वर्ष, एक इंकलाब और चाहिए नामक पुस्तक ने उन्हें विशेष ख्याति प्रदान की। चरखे से वर्तमान तक भारतीय गणतंत्र की आर्थिक यात्रा, न्याय के तराजू में आम आदमी किताब लिखी।
इंदिरा व राजीव गांधी के नजदीकी रहे
धर्म दिवाकर शर्मा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बेहद करीबी नेताओं में रहे।
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