अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। विद्युत निगम की हठधर्मिता के चलते 20 हजार ग्रामीणों की जिंदगी दांव पर लगी है। निगम ने बकाये को लेकर काली नदी किनारे पर बसे तीन गांवों की पानी की टंकी के कनेक्शन काट दिए हैं। इससे तीनों गांवों के लोग 15 दिन से शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं। उधर, ग्राम प्रधान के पास ऐसी निधि नहीं है जिससे बकाया बिल जमा कराया जा सके। वहीं, विद्युत निगम बिना बिल जमा कराए आपूर्ति बहाल करने के लिए तैयार नहीं है।
क्षेत्र से काली नदी होकर गुजर रही है। हापुड़ रोड पर मीट फैक्टरियों एवं उद्योगों से निकलने वाला दूषित पानी इसी नदी में डाला जाता है। काली नदी किनारे पर बसे गांवों में दूषित भूजल से कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियां फैलने लगीं हैं। वहीं, इससे र्कई ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों की मांग पर यहां तीन गांवों के भूजल की जांच कराई गई थी। इसमें भूजल दूषित बताया था। इस कारण जल निगम की ओर से गांव पीपलीखेड़ा, कौल व बधौली में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया। इन गांवों का पानी इतना दूषित है कि यहां इंडिया मार्का टू नलों पर भी नोटिस लगाने पडे़। जिससे लोग इसका सेवन न कर सकें। गांव कौल में करीब 15 वर्ष पहले पानी की टंकी निर्माण कराया गया था। इसके बावजूद गांव कौल में करीब पांच लोग कैंसर से पीड़ित हैं तथा पिछले दो माह में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, गांव बधौली में भी आठ वर्ष पहले जल निगम द्वारा पानी की टंकी का निर्माण कराया गया। इसके बाद भी यहां तीन लोग कैंसर से पीड़ित हैं। दो माह में तीन अन्य ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। वहीं, गांव पीलपीखेड़ा में भी पिछले दस वर्षों से पानी की टंकी लगी हुई है। यहां भी कई ग्रामीण कैंसर से पीड़ित हैं। इन तीनों गांवों की टंकी के नलकूप का आज तक विद्युत बिल जमा नहीं कराया गया। जिससे कौल की टंकी का 15 लाख, बधौली एवं पीपलीखेड़ा का 12-12 लाख रुपये बिल बकाया है। इसलिए विद्युत निगम कर्मचारियों ने करीब 15 दिन पहले तीनों टंकियों के कनेक्शन काट दिए। जिससे तीनों गांवों की पेयजल आपूर्ति बंद हो गई। अब तीनों गांवों के लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। विद्युत निगम अफसर कह रहे हैं कि ग्राम प्रधान ही बकाये को जमा कराएं। वहीं, ग्राम प्रधान कह रहे हैं कि उनके पास इसलिए निधि नहीं है।
फैल सकती हैं गंभीर बीमारियां
गंदे पानी के लंबे समय तक सेवन से डायरिया, आंतों एवं किडनी के रोग, चर्म व लीवर समेत कई गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। -डॉ. आर के सिरोहा, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरखौदा।
किस निधि से जमा हो बकाया
ग्राम प्रधान कौल कमलेश त्यागी, ग्राम प्रधान बधौली किरण देवी व गांव पीपलीखेड़ा प्रधान तसलीमा बेगम आदि ने बताया कि तीनों गांवों में जब से टंकी लगी है किसी भी ग्राम प्रधान ने बिल जमा नहीं कराया। ग्राम प्रधान के पास कोई ऐसी निधि नहीं है जिससे बकाया बिल जमा कराया जा सके।
अधिकारियों का आदेश मिला तो तीनों टंकियों के विद्युत कनेक्शन काटे गए हैं। अब ग्रामीणों को पानी मिल रहा है या नहीं उन्हें जानकारी नहीं है। अशरफी लाल, विद्युत उपखंड अधिकारी खरखौदा
ग्रामीणों की समस्या पर विचार किया गया है। ग्राम प्रधान इसके लिये निधि नहीं बता रहे हैं और शासन स्तर से बकाया जमा नहीं कराया जा रहा है। इसके बाद भी समस्या पर जल्द विचार किया जाएगा। विनोद चौहान, अधिशासी अधिकारी विद्युत निगम मेरठ।
मुख्य बातें
बिजली के लाखों रुपये बकाया होने पर कौल, बधौली एवं पीपलीखेड़ा की ट्यूबवेल के कनेक्शन काटे
ग्राम प्रधान पास इसके लिए निधि नहीं, शासन बकाया जमा कराने के लिए तैयार नहीं