सरकारी स्कूलों की बदलने लगी रंगत
मेरठ। शहर और देहात में सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गिरते शिक्षा के स्तर के साथ छात्र संख्या भी कम होती चली गई। शिक्षा और स्कूलों का अच्छा संदेश देने के लिए सरकार ने खजाने का मुंह खोल दिया है। जिसका असर देहात में बेसिक शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों पर दिखाई दे रहा है। इन स्कूलों में साफ सफाई कराकर रंगाई पुताई कराई गई है। दावा किया जा रहा है कि मार्च तक महानगर के सभी स्कूलों की बिल्डिंग पर रंगाई पुताई करा दी जाएगी। वहीं शिक्षा का स्तर सुधाने की भी प्रयास किया जा रहा है।
14वें वित्त आयोग के खजाने से सुंदर हुए स्कूल
सरकार ने देहात के स्कूलों की स्थिति सुधारने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी है। इसके लिए सरकार ने 14वें वित्त में बजट की व्यवस्था की है। देहात के अधिकतर स्कूलों को ग्राम पंचायतों ने पुताई कराकर सुंदर करा दिया है। अब इन स्कूल की इमारत पब्लिक स्कूलों को भी मात दे रही हैं।
कंपोजिट ग्रांट से सजेंगे महानगर के स्कूल
सरकार पहले से ही स्कूलों की साज सज्जा के लिए धन देती रही है, लेकिन ग्रांट केवल पांच से दस हजार रुपये प्रति स्कूल होती थी। अब सरकार ने इस ग्रांट को कंपोजिट ग्रांट का नाम दिया है। साथ ही बजट बढ़ाकर 25 हजार से 75 हजार रुपये वार्षिक कर दिया है। हालांकि सरकार ने बजट का निर्धारण प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या के आधार पर किया है।
शैक्षिक स्तर सुधारने को करनी होगी मानीटरिंग
सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गिरते शिक्षा के स्तर के लिए शिक्षक ही नहीं बल्कि अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। जिस प्रकार से 25 साल पहले शिक्षा विभाग के अधिकारी हर माह स्कूलों का दौरा करके शिक्षा के स्तर की जांच करते थे। अब उस कार्य को अधिकारी भूल गए हैं। शायद ही कोई अधिकारी साल में दो-तीन बार स्कूलों का निरीक्षण करता हो।
कई विद्यालय किराए की बिल्डिंग में चल रहे
महानगर में 132 प्राथमिक और 30 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से लगभग 32 स्कूल किराए की बिल्डिंग में चल रहे हैं। इन स्कूलों की बिल्डिंग पर रंगाई पुताई नहीं होने से ये खंडहर जैसे लगते हैं। केसरगंज पुलिस चौकी के सामने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल में हाल ज्यादा ही खराब है। इसके परिसर में जगह-जगह गोबर के ढेर लगे हुए हैं।
-----------
वर्जन...
महानगर के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों पर मार्च तक पेंट का कार्य पूरा हो जाएगा। सभी स्कूलों को बजट भेज दिया गया है। पूर्वा अहिरान सहित कई स्थानों पर बने स्कूलों में रंगाई पुताई का काम शुरू भी हो गया है। सभी प्रधानाध्यापकों को एक माह के भीतर रंगाई पुताई कराने के निर्देश दिए गए हैं। -एसके गिरी, नगर शिक्षा अधिकारी।
शिक्षा का स्तर सुधारने की तैयारी
सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल जनपद के पब्लिक स्कूलों को पछाड़ने का काम करेंगे। स्कूलों की इमारत को सुंदर बनाने के साथ शिक्षा का स्तर सुधारने की भी तैयारी है। जनपद के सभी अमान्य विद्यालयों को बंद कराया जा रहा है। ताकि सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या भी पूरी हो सके। -सतेंद्र ढाका, बीएसए