खरखौदा। कस्बे में तहसील की मांग को लेकर पिछले दस दिन से धरना चल रहा है। यह शुक्रवार को भी जारी रहा। जिसमें आंदोलनकारियों ने अपने खून से मुख्यमंत्री के नाम पत्र भेजने की चेतावनी दी है।
खरखौदा के लोग करीब दो माह से कस्बे को तहसील बनाए जाने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मांग पर न तो प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं। क्षेत्र के लोग बीते दस दिन से धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को धरने के दौरान आंदोलनकारियों ने बताया कि वैसे तो खरखौदा को बीते तीस वर्षों से तहसील बनाए जाने की मांग की जा रही है। किसी भी सरकार ने इसकी सुनवाई नहीं की। अब पिछले दो माह से खरखौदा क्षेत्र के लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं। सभी मानक पूरे होने के बाद भी प्रशासन व जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि वे शनिवार को अपने खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को भेजकर कस्बे को तहसील बनाए जाने की मांग करेंगे। इस मौके पर धरने का नेतृत्व व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव त्यागी, प्रह्लाद सिंह त्यागी, मूलचंद त्यागी, फूलराज त्यागी, बाबूराम, धर्मपाल त्यागी, देवक त्यागी, अनिल कुमार, प्रमोद विमल, मांगेराम, सलमान, जगत पोसवाल, सुमित गर्ग, पंकज गर्ग, विजय वर्मा, विजय गौतम, आदित्य शर्मा, नरेश सहित कई लोग मौजूद रहे।