माछरा। ग्राम बढ़ला कैथवाड़ा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान सोमवार को श्रीकथा वाचक ने ध्रुव के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि प्रेम ही परमात्मा का स्वरूप है।
मुंडाली थाना क्षेत्र अन्तर्गत गांव बढ़ला कैथवाड़ा में प्राचीन दुर्गा मंदिर तौमी वाले झंडा मंदिर में श्रीश्री 108 उदासीन आश्रम में रामधन बड़ा अखाड़ा अंतर्गत कथा के तृतीय दिवस कांशी से पधारे श्री गंगोत्री तिवारी मृदुल महाराज ने कथा के दौरान ध्रुव के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि प्रेम ही परमात्मा का स्वरूप है। हमें प्रत्येक जीव में प्रभु के स्वरूप का दर्शन करना चाहिए। काम, क्रोध, मद, लोभ को त्यागकर सत्य की साधना करते हुए परमपिता का अनुसरण करते रहना चाहिए। महाराज ने कहा कि जो सत की चर्चा करे वही वास्तव में संत है। संत सदैव विनम्र तथा उदार प्रवृति के होते हैं। इस अवसर पर पंडित रमेश, दीपक शर्मा, राजकुमारी, रूपा भारद्वाज, रमा, संगीता, नितिन, बिजेंद्र, नीलम आदि श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।