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विभागों के चक्रव्यूह में फंसी रिंग रोड

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मेरठ। मेरठ के लिए अति आवश्यक और लाइफलाइन कही जाने वाली प्रस्तावित रिंग रोड विभागों के चक्रव्यूह में फंस गई है। कई विभागों ने इस पर काम करने तथा पैसा देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। पीडब्लूडी ने पूरा प्रस्ताव बनाकर शासन से तीन हजार करोड़ रुपये की मांग की है। लेकिन सरकार ने भी अभी इसे हरी झंडी नहीं दी है। रिमाइंडर भेजने के बावजूद शासन ने इस कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।
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यहां से इस रोड का प्रस्ताव
मेरठ शहर से दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय मार्ग-58 से होकर यह रोड मेरठ-बागपत राष्ट्रीय मार्ग-334, मेरठ-करनाल राष्ट्रीय मार्ग-709, मेरठ-पौड़ी राष्ट्रीय मार्ग-119, मेरठ-हापुड़-बुलंदशहर राष्ट्रीय मार्ग-235 को कनेक्ट करेगी। यह रोड शहर के चारों तरफ एक रिंग बनाएगी। इसका असर यह होगा कि बाहर से आने वाला और बाहर जाने वाला ट्रैफिक शहर में प्रवेश ही नहीं करेगा। मसलन यदि किसी को दिल्ली की तरफ से आकर बिजनौर जाना है तो बाहर ही बाहर इनर रिंग रोड से ही वहां पहुंचा जा सकता है। बढ़ती जनसंख्या और ट्रैफिक के चलते रिंग रोड को बनाने का प्रस्ताव है। यही कारण है कि इस रोड का मेरठ महायोजना 2021 में भी उल्लेख किया गया है।

इन 11 गांवों की भूमि से गुजरेगी
- जनपद के मोहिउद्दीनपुर, फफूंडा, उलखपुर सैनी, भराला, पावलीखास, घसौली, दिलावरा, रसूलपुर, धंजू, जमालपुर और भूडबराल आदि इन 11 गांवों की भूमि से रिंग रोड गुजरेगी। रिंग रोड चार लेन की बनेगी।
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इतनी भूमि का होगा अधिग्रहण
रिंग रोड के लिए 450 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होगा। चार लेन चौड़ाई के रिंग रोड के लिए लगभग 60 मीटर राइट ऑफ वे की आवश्यकता है। प्रस्ताव के अनुसार मेरठ-दिल्ली, मेरठ-हापुड़ और मेरठ-सहारनपुर रेलवे लाइन पर तीन आरओबी बनाए जाएंगे। साथ ही काली नदी पर भी दो सेतु का निर्माण होगा।

अधिग्रहण के नाम पर हाथ खड़े किए
इस समय जमीन का अधिग्रहण मुश्किल हो रहा है। किसानों के धरने प्रदर्शन चल रहे हैं। जमीन के दामों को लेकर किसान और प्रशासन कई मसलों पर आमने-सामने हैं। यही कारण है कि इस प्रोजेक्ट में भी जमीन अधिग्रहण को लेकर विभाग आगे नहीं बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग, एमडीए ने साफ मना कर दिया है कि पैसा ही नहीं है। शासन स्तर पर ही बात हो सकती है। ऐसे में शासन को प्रस्ताव भेजा है। लेकिन वहां से भी जवाब नहीं आ रहा है।

तो बात बने
रिंग रोड के लिए एमडीए के पास पैसा नहीं है। हमने इस बाबत आला अधिकारियों को अवगत करा दिया है। शासन स्तर पर ही पैसा मिले तो बात बनेे। -पीपी सिंह, अधीक्षण अभियंता एमडीए
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खास बातें:
70 किमी लंबी रिंग रोड करेगी शहर को कई राजमार्गों से कनेक्ट
3000 करोड़ रुपये से बननी है यह सड़क
450 हेक्टेयर भूमि का होगा अधिग्रहण, 11 गांवों से गुजराने का प्रस्ताव
- पीडब्लूडी ने भेजा शासन को प्रस्ताव
- एमडीए, सिंचाई विभाग और राष्ट्रीय राज्यमार्ग प्राधिकरण ने हाथ खड़े किए
- मेरठ- सहारनपुर रेल मार्ग पर तीन आरओबी, काली नदी पर दो सेतु का होगा निर्माण
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