मेरठ। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सभागार में आध्यात्मिक अंदाज में बोले और ठहाके भी लगवाए। कहा कि बहुत लोगों को पाने की बेहद जल्दी होती है। लेकिन जब जो होना है, वह तभी होगा। हमारा धर्म काम करना है। याची मत बनो। सभी दाता बनकर रहना। जीवन में मर्यादा मत तोड़ना। रावण राम से ज्यादा धनवान और ज्ञानवान थे। लेकिन उन्होंने मर्यादा तोड़ी जिसके कारण ही पूजा मर्यादा पुरुष राम की होती है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं की तरफ मुखातिब होते हुए कहा कि बहुत से कार्यकर्ता कहते हैं कि ये नहीं मिल रहा है। वो नहीं मिल रहा है। अरे जब मिलना है तो तभी मिलेगा। इस जन्म में नहीं तो अगले जन्म में मिल जाएगा। चिंता मत करो। राजनाथ सिंह ने अगले जन्म की बात कही तो मंच पर बैठे अतिथियों के साथ सभी ठहाका लगाकर हंस पड़े।
इससे पहले राजनाथ सिंह की एक बात पर भी सब खिलखिला उठे। राजनाथ सिंह ने कहा कि जीत का एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश से ही गुजरेगा। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मैं जानता हूं। जानूं भी क्यों नहीं। योगी जी भले ही आपके मुख्यमंत्री हैं। लेकिन घर का मंत्री तो मैं ही हूं। घर का मंत्री होने का बहुत बड़ा सौभाग्य होता है। ये सुनकर सभी कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंच पर बैठे सभी अतिथि मुस्कुरा उठे।
कांग्रेस सहित विपक्ष पर साधा खुलकर निशाना
मेरठ। राजनाथ सिंह संबोधन के दौरान पूरे मूड में नजर आए। जहां आध्यात्मिक अंदाज में कार्यकर्ताओं को निष्ठा का पाठ पढ़ाया। वहीं, विपक्ष पर भी चुटीले अंदाज में वार किए। केंद्र सरकार की उपलब्धियों का बखान भी किया तो सीधे-सीधे सीएम योगी की तारीफ भी कर गए। राजनाथ सिंह बोले कि वह यूपी की नब्ज को पहचानते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि साल 2014 में केंद्र में सरकार बनाने का सर्वाधिक योगदान यूपी के कार्यकर्ताओं का था। अब 2019 में भी यह श्रेय उत्तर प्रदेश के अधिसंख्य कार्यकर्ताओं को ही जाएगा।
देश बनाने की राजनीति
राजनाथ सिंह ने कहा कि तीन दिन बाद स्वतंत्रता दिवस है और प्रधानमंत्री जी का भाषण भी होगा। आजादी हमें यूं ही नहीं मिली है। बहुत बलिदान देने पड़े हैं। हम राजनीति भी इसी लिए करते हैं। हम देश बनाने के लिए राजनीति करते हैं। भारत को स्वाभिमानी, समृद्धिशाली भारत बनाने के लिए करते हैं। सरकार कैसे चलाई जाती है, वह अटल और मोदी से सीखें। अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का मस्तक ऊपर उठाने का काम किसने किया।
काठ की हांडी एक बार चढ़ चुकी
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बहुमत की सरकार के खिलाफ कांग्रेस एंड कंपनी अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई। उन्हें मुंह की खानी पड़ी। काठ की हांडी एक बार चढ़ चुकी है, अब नहीं चढ़ने वाली। राजनैतिक पार्टी के अध्यक्ष ने क्या लीला कर डाली। पूरे देश वासियों की तरह ही वह भी प्रधानमंत्री को गले लगाने चले गए। संसद में यह पहला चिपको अभियान था, उन्हें राजनैतिक मर्यादा और संसद की गरिमा का ख्याल भी नहीं रहा। आज सारी दुनिया के लिए भारत का स्थान ऊंचा हो रहा है। इसके बाद भी समाज को तोड़ने के लिए क्या-क्या प्रपंच किए जा रहे हैं।
...नहीं तोड़ने देंगे
उन्होंने कहा कि सरकार रहे या न रहे हम समाज को कभी भी नहीं तोड़ने देंगे। हम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ में यकीन करते हैं। गरीबों के लिए काम करने की बातें नहीं यकीन भी दिलाते हैं। भारतीय जनता पार्टी कई मायनों में दूसरे दलों से भिन्न है। यह कोई फैमिली बेस्ड पॉलिटिकल आर्गेनाइजेशन नहीं है।
खास बातें:
- आध्यात्मिक अंदाज में बोले राजनाथ सिंह ने लगवाए सभागार में ठहाके
- बोले, बहुत से कार्यकर्ता मांगते रहते हैं, अरे इस जन्म नहीं मिला तो अगले मिल जाएगा