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मेरठ में ट्रेन पलटाने की साजिश, बड़ा हादसा बचा

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मेरठ। मेरठ में रविवार तड़के बड़ा ट्रेन हादसा होने से बच गया। शरारती तत्वों ने ट्रेन को पलटाने के लिए परतापुर थाना क्षेत्र में पूठा गांव के पास रेलवे ट्रैक पर बीचोंबीच दोनों पटरियों के ऊपर लोहे का भारी भरकम गार्डर रख दिया। देहरादून से वाया मेरठ दिल्ली जा रही नंदादेवी एक्सप्रेस हादसे का शिकार होने से बच गई। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाते हुए ट्रेन की रफ्तार धीमी की। आतंकी साजिश को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है।
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पुलिस और रेलवे अफसरों के अनुसार नंदादेवी एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 12206 देहरादून से वाया मेरठ नई दिल्ली जा रही थी। मेरठ सिटी स्टेशन पर तड़के 3:34 बजे पहुंचने का ट्रेन का समय है। यहां सिटी स्टिेशन पर तीन मिनट का स्टॉपेज है। 3:37 बजे प्रस्थान समय है। रविवार तड़के यह ट्रेन लेट थी। मेरठ सिटी स्टेशन पर रविवार तड़के 4:01 बजे यह ट्रेन पहुंची थी। इसके तीन मिनट बाद 4:04 बजे रवाना हो गई। परतापुर थाना क्षेत्र में पूठा रेलवे ट्रैक पर लोहे का गार्डर रखा था।
जहां चार मिनट में ही 4:08 बजे पहुंची ट्रेन के लोको पायलट सुरेश कुमार ने जैसे ही देखा कि पटरी पर गार्डर रखा है तो उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। जोर के झटके के साथ ट्रेन की स्पीड धीमी हो गई। हालांकि इसके बाद भी ट्रेन की पावर लोहे के गार्डर को क्षतिग्रस्त करते हुए आगे निकल गई। लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ और ट्रेन पलटने से बच गई। ट्रेन के चालक ने गेट नंबर 21ए के गेटमैन नवीन कुमार सहित रेलवे के अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद लोको पायलट ने क्षतिग्रस्त गार्डर को ट्रेन में ही रख लिया, जो 4:18 बजे परतापुर स्टेशन अधिकारियों को सौंप दिया।
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पुलिस-रेलवे में मचा हड़कंप
इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय, एसपी सिटी रणविजय सिंह, दिल्ली मुख्यालय से आरपीएफ के सहायक आयुक्त योगेंद्र सिंह, कमांडेंट आरपीएफ मेरठ जितेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की छानबीन की। रेलवे की तरफ से परतापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। क्राइम ब्रांच, एसटीएफ और एटीएस द्वारा घटना की जांच की जा रही है।
जोर के झटके से खुली नींद
गार्डर देखकर जैसे ही लोकोपायलट ने इमरजेंसी ब्रेेक लगाए तो जोर के झटके से पूरी ट्रेन हिल गई। इससे ट्रेन में सो रहे यात्रियों की भी नींद खुल गई। बताया गया कि कई यात्री तो अपनी सीटों से गिर गए। ट्रैक पर गार्डर पड़ा होने की सूचना पर यात्री भी नीचे उतर गए। करीब आठ मिनट तक ट्रेन यहीं खड़ी रही। इसके बाद ही यह ट्रेन 4:18 बजे परतापुर स्टेशन पहुंची।
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किसी साजिश से इंकार नहीं
ट्रेन के चालक ने हेडलाइट में देखा तो दोनों पटरियों के बीच लोहे का गार्डर रखा था। चालक ने साहसी कदम उठाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाए। रेलवे अफसरों के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की गई। यह गार्डर 17 फीट लंबा और 24 किलो वजन का था। पास में इंडस्ट्रियल एरिया है। हो सकता है कि गार्डर चोरी किया गया हो। लेकिन अभी किसी साजिश से भी इंकार नहीं किया जा सकता। -राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी मेरठ
जांच में पूरा सहयोग देंगे
ट्रेन के लोकोपायलट ने ट्रैक पर गार्डर पड़ा होने पर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी थी। इसके बावजूद ट्रेन की पावर गार्डर को रौंदते हुए आगे बढ़ गई। जांच में ट्रैक से कोई छेड़छाड़ नहीं मिली है। पुलिस जांच में आरपीएफ भी पूरा सहयोग करेगी। -जितेंद्र कुमार, कमांडेंट आरपीएफ सिटी स्टेशन
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खास बातें
04:08 बजे रविवार तड़के मेरठ से दिल्ली जा रही थी नंदादेवी एक्सप्रेस
17 फीट लंबा, 24 किलो वजन का लोहे का गार्डर रखा था रेलवे ट्रैक के बीचोंबीच
- परतापुर क्षेत्र में पूठा गांव के पास रेलवे ट्रैक से पास हो रही एक्सप्रेस ट्रेन
- लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन की रफ्तार की धीमी
- गार्डर को तोड़ते हुए निकली ट्रेन, गनीमत रही कि नहीं हुआ कोई नुकसान
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