मेरठ। डॉ. भीमराव अंबेडकर हवाई पट्टी के कार्यालय अधीक्षक प्रशांत श्रीवास्तव चार साल पहले हवाई पट्टी पर एक प्राइवेट एयरक्राफ्ट लैंड कराने के मामले में फंस गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट एसके सिंह ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।
ये है मामला
इंदिरा गांधी एयरपोर्ट नई दिल्ली निवासी पूजा सिंह ने बीती 23 जनवरी को शिकायत में बताया था कि 26 फरवरी 2014 को एक निजी एयरक्राफ्ट वीटी-आरईएम की हवाई पट्टी पर लैंडिंग के लिए कार्यालय अधीक्षक प्रशांत श्रीवास्तव के माध्यम से अनुमति ली गयी थी। इसके लिए प्रशांत ने 24 हजार रुपये लिए थे, जबकि नियमानुसार यह शुल्क 500 रुपये होता है। इस मामले में प्रशांत श्रीवास्तव ने स्पष्टीकरण में बताया कि एयर चार्टर सर्विसेस आईजीआई डोमेस्टिक एयरपोर्ट द्वारा सुपरकिंग एयर बी-200 को लैंडिंग के लिए अनुमति तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट ने दी थी। इसके लिए 500 रुपये लैंडिंग और 200 रुपये पार्किंग शुल्क उनके द्वारा नागरिक उड्डयन विभाग कार्यालय में जमा कराए गए थे।
जांच में फंसा मामला
इस मामले में हवाई पट्टी के तकनीकी सहायक योगेश कुमार ने अपनी आख्या में बताया कि प्रशांत ने 24 हजार रुपये लिए। लेकिन न अनुमति ली और न धनराशि जमा की। 26 फरवरी की सुबह प्रशांत ने अचानक उनके कार्यालय आकर कहा कि सभी संबंधित विभागों को उनके द्वारा सूचना दे दी गयी है और धनराशि उनके पास है, जिसे वह जमा करा देंगे। लेकिन उन्होंने धनराशि राजकीय कोष में जमा नहीं की। जिस कारण एयरक्राफ्ट हवाई पट्टी पर लैंड हुआ। लेकिन इस दौरान वहां नियमानुसार फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस नहीं पहुंची।
अन्य आरोप भी पुष्ट
प्रशांत पर गबन, नियमों के विपरीत एयरक्राफ्ट की लैंडिंग कराते हुए जान-माल का खतरा पैदा कराने के अलावा बिना बताए अवकाश पर जाने और वेतन लेने का मामला भी पुष्ट हो रहा है। वहीं, प्रशांत श्रीवास्तव ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि मुझे फंसाने की साजिश की जा रही है।
शीघ्र होगी कार्रवाई
डीएम ने एडीएम सिटी मुकेश चंद्र को परीक्षण के लिए जांच रिपोर्ट भेजी है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में नागरिक उड्डयन विभाग को जांच रिपोर्ट के साथ कार्रवाई की संस्तुति का पत्र लिखा जा रहा है।
नियमानुसार होगी कार्रवाई
मेरे द्वारा जांच रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है। उसके उपरांत नियमानुसार कार्रवाई तय होगी। -मुकेश चंद्र, एडीएम सिटी