राष्ट्रोदय की ब्रांडिंग से लगेंगे विस्तार योजना को पंख
मेरठ। आरएसएस के राष्ट्रोदय समागम ने जागृति विहार विस्तार योजना की बड़ी ब्रांडिंग कर ठंडी पड़ी योजना में जान डाल दी है। समागम से हुई ब्रांडिंग को आवास एवं विकास भुनाने की जुगत में लग गया है। जिसमें नए भूखंडों पर जल्द रजिस्ट्रेशन खोलने की तैयारी में है। हालांकि विभाग को यह भी डर है कि कहीं किसान योजना में खाली पड़ी जमीन पर दोबारा खेती न शुरू कर दें।
आवास एवं विकास परिषद द्वारा जागृति विहार विस्तार योजना को शुरू हुए दस साल हो गए हैं। विभाग ने योजना में पहले 2300 फ्लैट बनाए, जो अधर में लटक गए। जिसके कारण विस्तार योजना में विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया। विभागीय अधिकारियों ने फ्लैट योजना को आगे बढ़ाने के लिए ग्राहकों को लुभाने का खूब प्रयास किया। लेकिन फ्लैट योजना को रफ्तार नहीं मिल सकी। विभाग विस्तार योजना को पंख लगाने को लेकर चिंतित था। लेकिन अधिकारियों की चिंता और बढ़ गई, जब आवास एवं विकास द्वारा अधिग्रहित भूमि को खाली करने से किसानों ने मना कर दिया। किसान योजना में बढ़ा हुआ प्रतिकर मांग रहे थे। योजना में जमीन खाली कराने गए अधिकारियों से किसान भिड़ गए। जिसमें कई किसानों पर कानूनी कार्रवाई भी हुई।
राष्ट्रोदय से राह बनी आसान
ऐसे में राष्ट्रोदय समागम को लेकर आरएसएस ने आवास एवं विकास से जागृति विहार में जमीन की मांग की। अधिकारी भली-भांति जानते थे कि आरएसएस के समागम के बहाने वो जमीन पर कब्जा कर सकते हैं। समागम से तीन महीने पहले ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भारी फोर्स के साथ किसानों से करीब साढ़े तीन सौ एकड़ जमीन खाली कराई थी। जिसमें समागम को लेकर विकास कार्यों को लगभग पूर्ण करा दिया गया।
बना दी सड़कें, डिवाइडर
इस दौरान सड़कों, सीवर लाइन, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य कार्य हो चुके हैं। जबकि सड़कों को चकाचक कर दिया गया। रविवार को राष्ट्रोदय समागम का समापन हो गया है। ऐसे में विभाग ने भूखंड आवंटन प्रक्रिया पर तेजी लानी शुरू कर दी है। समागम के कारण जागृति विहार विस्तार योजना की जो शानदार ब्रांडिंग हुई है, उससे ग्राहकों की विस्तार योजना में दिलचस्पी बढ़ी है, जिसको लेकर विभाग पूरी तरह आश्वस्त है। दूसरी ओर विभागीय अधिकारियों को यह भी डर है कि कहीं किसान दोबारा यहां खेती न शुरू कर दें।
1500 करोड़ की संजीवनी
विभाग ने विस्तार योजना को विकसित करने का पूरा ले-आउट तैयार कर लिया है। योजना परवान चढ़ गई तो विभाग को करीब पंद्रह सौ करोड़ की संजीवनी मिल सकती है। जिसमें विभाग शुरू में सौ भूखंडों के रजिस्ट्रेशन खोलने पर जल्द फैसला कर सकता है।
प्रस्ताव को जल्द मिल सकती है हरी झंडी
भूखंड आवंटन प्रक्रिया को लेकर विभाग ने लखनऊ आवास एवं विकास मुख्यालय प्रस्ताव भेज रखा है। संपत्ति अधिकारी नरेश बाबू ने बताया कि समागम समापन के बाद उन्हें पूरी उम्मीद है। मुख्यालय से उन्हें जल्द हरी झंडी मिल जाएगी। विभाग ने 128, 144 वर्ग मीटर के सौ भूखंडों का प्रस्ताव भेजा है। जिसको हरी झंडी मिलते ही भूखंडों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चालू करा दी जाएगी।
खास बातें
- आवास-विकास परिषद द्वारा लखनऊ भेजे भूखंडों के प्रस्तावों को मिल सकती है हरी झंडी
- राष्ट्रोदय समागम को लेकर जागृति विहार एक्सटेंशन में विकास कार्य लगभग पूरे
- 600 में से 400 एकड़ भूमि है खाली, डर है कि किसान दोबारा शुरू न कर दें खेती