बागपत। लोकसभा चुनाव में भले ही अभी लंबा समय बाकी हो, लेकिन वेस्ट यूपी की सियासी जमीन पर हलचल शुरू हो गई है। रालोद, सपा और कांग्रेस एक सुर दिख रहे हैं। लेकिन बसपा की चाल पर सबकी नजर है। पहले लोकसभा चुनाव और फिर विधान सभा चुनाव में मात खाए रालोद ने अपने घर को मजबूत करना शुरू कर दिया है। रालोद से किनारा कर गए लोगों की घर वापसी कराई जा रही है, जो महागठबंधन के संकेत भी दे रही है। पहले पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद के बेटे अहमद हमीद और अब राज्यसभा सांसद अमीर आलम अपने बेटे पूर्व विधायक नवाजिश आलम के साथ रालोद में शामिल होने जा रहे हैं। देखने वाली बात यह होगी कि इनकी घर वापसी क्या गुल खिलाएगी।
लोकसभा चुनाव में भाजपा से मुकाबले के लिए पर्दे के पीछे महागठबंधन की जमीन तैयार की जा रही है। कांग्रेस, सपा और रालोद के बीच लगभग सहमति बन चुकी है। लेकिन विधानसभा चुनाव की तरह ही इस बार भी बसपा की चाल पर मामला लटका है। सियासी उठापटक में बसपा के खेमे के कई दिग्गज रालोद का दामन थाम रहे हैं। रालोद सुप्रीमों छोटे चौधरी की कवायद जाट मतों के साथ मुस्लिमों को साथ लाने की है। बसपा का दांव दलित-मुस्लिम गठनबंधन पर अधिक दिखता है। लेकिन बागपत की बात करें तो मुस्लिमों ने अपना वोट सपा को दिया, जिस वजह से बसपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद के बेटे अहमद हमीद दो माह पहले ही रालोद में शामिल हो चुके हैं। अब वेस्ट यूपी की मुस्लिम सियासत में रसूख रखने वाले दूसरे नेता पूर्व राज्यसभा सांसद और उनके बुढ़ाना से सपा के टिकट पर विधायक रहे बेटे नवाजिश आलम खान 10 जनवरी को रालोद में शामिल होंगे। अमीन आलम खान वर्ष 1985 में लोकदल से थानाभवन सीट से पहली बार विधायक चुने गए थे।
बेटों के राजनीतिक भविष्य का सवाल भी
बागपत। राजनीति में सबकी अपनी चाल है। लोकसभा चुनाव में रालोद वापसी चाहता है तो पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद अपने बेटे को राजनीति में स्थापित करने की जुगत में है। बागपत सीट पर मुस्लिम वोटों के साथ जाट प्लस अन्य मतों को मिलकर ही उनकी राह आसान हो सकती है। यही अमीर आलम खान चाहते हैं। नवाजिश आलम बुढ़ाना से जीत चुके हैं। दूसरा चुनाव मीरापुर से बसपा के टिकट पर लड़े, लेकिन हार गए। सवाल भविष्य की राजनीति और भाजपा से मुकाबले का है। यही वजह है कि लोकसभा चुनाव से पहले ही सियासत में हलचल शुरू हो चुकी है।