फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तहसील में अटकी चार मदरसों की 52.83 लाख की रिकवरी

विज्ञापन
विज्ञापन
58.45 लाख की रिकवरी दबाकर बैठीं दो तहसीलें
विज्ञापन

मेरठ।
जनपद के तीन मदरसों और एक कॉलेज से 58,45,735 रुपये की रिकवरी को दो तहसीलें दबाकर बैठी हैं। जबकि इस मामले में शासन के सचिव ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा की रिपोर्ट के आधार पर मदरसा और कॉलेज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही गबन की गई छात्रवृत्ति की धनराशि की रिकवरी कराने का आदेश दिया था। जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद सदर और मवाना तहसील इन रिकवरी को दबाए बैठी हैं।
ये है पूरा मामला
मदरसा एचएएम पब्लिक स्कूल शौकत कॉलोनी, ग्रेट इंडियन पब्लिक स्कूल अहमदनगर और भारत पब्लिक स्कूल हुमांयु नगर के साथ ही मौलाना आजाद इंटर कालेज ललियाना के खिलाफ छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति घोटाले की शिकायत पर आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा ने जांच की थी। जांच रिपोर्ट 17 दिसंबर 2015 को शासन को भेज दी गई। जिसमें इन चारों शिक्षण संस्थाओं पर फर्जी प्रपत्रों के आधार पर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का गबन करने का आरोप सिद्ध हुआ।
विज्ञापन

रिपोर्ट में बताया गया कि सदर तहसील अंतर्गत मदरसा एचएमएम पब्लिक स्कूल शौकत कॉलोनी ने 17,51,200 रुपये, ग्रेट इंडियन पब्लिक स्कूल अहमदनगर ने 5,62,400 रुपये और भारत पब्लिक स्कूल हुमांयू नगर ने 1,54,000 रुपये का गबन किया है। जबकि मवाना तहसील अंतर्गत मौलाना आजाद इंटर कालेज ने 33,78,135 रुपये का गबन किया है। इस रिपोर्ट के आधार पर शासन के सचिव द्वारा 18 मार्च 2016 को जिलाधिकारी और एसएसपी को पत्र लिखा गया। जिसमें एसएसपी से इन मदरसा संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई करने और जिलाधिकारी से गबन की गई धनराशि की वसूली का आदेश दिया गया।
नहीं हुई कोई कार्रवाई
इन मदरसों के खिलाफ एफआईआर तो दर्ज हो गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं दूसरी तरफ जिलाधिकारी के निर्देश पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने तहसीलों को आरसी के जरिये वसूली करने का पत्र लिखा। लेकिन आज तक रिकवरी भी नहीं हो सकी।
विज्ञापन

आज तक संचालित हैं फर्जीवाड़ा करने वाली संस्थाएं
इतनी बड़ी धनराशि का गबन करने के बावजूद ये शिक्षण संस्थाएं आज भी संचालित हैं। मौलाना आजाद इंटर कॉलेज जो कि माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित है, उसकी तरफ से अभी भी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना बताया जा रहा है। लेकिन इस रिकवरी की तरफ आज तक किसी अधिकारी ने कोई ध्यान नहीं दिया।

खास बात
सदर तहसील अंतर्गत तीन और मवाना तहसील को करनी है एक कॉलेज से रिकवरी
डेढ़ साल पहले शासन से आये थे मुकदमा दर्ज कराकर छात्रवृत्ति की धनराशि की रिकवरी कराने के आदेश
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें