गैस की महंगाई बढ़ने से गड़बड़ाया रसोई का गणित
- महंगाई नियंत्रण के नाम पर बढ़ा दिए गैस के दाम
- गैस के दामों में बढ़ोतरी से महिलाएं परेशान
- गैस पर 98 रुपये बढ़ने से परेशान महिलाएं
- सब्सिडी छोड़ने वाले उपभोक्ताओं पर दोहरी मार
मेरठ।
महंगाई पर नियंत्रण होगा, अच्छे दिन आएंगे, सरकार क ा ये वादा महिलाओं को रूला रहा है। गैस के दामों में सीधे 98 रुपये बढ़ने से महिलाओं का बजट बनाना मुश्किल हो गया है। गैस का सब्सिडी वाला जो सिलेंडर दो दिन पहले तक 644 रुपये का था वो सिलेंडर अब 742 रुपये में मिल रहा है। घरेलू गैस के दामों में सीधे 98 रुपये बढ़ा दिए हैं। कीमतें बढ़ने से बड़ा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ा है जिन्होंने गैस सब्सिडी छोड़ दी थी। सरकार ने एक तरफ उन उपभोक्ताओं से 150 रूपए गैस सब्सिडी छुड़वा दी, वहीं 98 रूपए सीधे बढ़ाकर उन्हें दोहरी मार दी है। आटा, चावल और सब्जी के दाम तो वैसे ही ऊंचाई छू रहे हैं। अब गैस क ी कीमतें बढ़ने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। आम आदमी की आय वहीं की वहीं है, मगर महंगाई के कारण बढ़े खर्च ने रसोई चलाना मुश्किल कर दिया है। गैस क ी बढ़ी कीमतों से महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं।
मेहमानों का सत्कार भी हुआ मुश्किल
सरकार ने होटल के खाने पर जीएसटी लगाकर दाम बढ़ाए, तो घर पर ही नाश्ता बनाकर मेहमानों का स्वागत कर लेते हैं। लेकिन अब तो गैस के दामों में सीधे 90 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हो गई घर पर खाना बनाकर खिलाना भी मुश्किल होगा।
-कीर्ति बाटला, जागृति बिहार
जाए तो जाएं कहां
मिट्टी का तेल, बिजली, उपले और गैस सब कुछ महंगा हो चुका है। महंगाई पर नियंत्रण के बजाय लगातार महंगाई बढ़ रही है। अब तो रसोई का खर्चा निकालना बहुत मुश्किल हो रहा है।
-सीमा शर्मा, पल्ल्वपुरम
ईंधन, बिजली सब महंगे
गैस का सिलेंडर इतना महंगा हो गया है कि हर महीने 750 रुपये का खर्चा केवल गैस सिलेंडर का होगा। अगर इंडक्शन का इस्तेमाल करके खाना बनाएं तो उसमें भी महंगाई है। आम आदमी अपनी परेशानी किससे कहे।
श्वेता शारदा, शास्त्रीनगर सी ब्लॉक
हर चीज तो महंगी है
रसोई पर सबसे ज्यादा महंगाई की मार पड़ रही है। चावल, सब्जी महंगा हो चुका है। आटा के दाम बढ़े हैं, अब गैस सिलेंडर का दाम भी बढ़ गया। ऐसे तो रोटी-सब्जी खाना भी मुश्किल हो जाएगा। आकांक्षा रस्तोगी, बेगमपुल
सर्दियों में गुजारा होगा मुश्किल
गैस तो आम आदमी की पहली जरूरत है। घरों में चूल्हा तो जला नहीं सकते। बिजली भी इतनी महंगी है कि हर समय खाना बनाने में प्रयोग नहीं कर सकते। सरकार ने गैस भी महंगी कर दी, सर्दियों में पानी गरम करने के लिये भी सोचना पड़ेगा। दूसरे खर्चों को कम करके ही गैस सिलेंडर का खर्चा मैनेज होगा।
रेखा चावला, थापर नगर