मेरठ। जीएसटी के तहत राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग महानगर के बाजारों में 26 हजार 100 नए करदाता तलाश करेगा। यूपी सरकार की तरफ से 31 मार्च 2018 तक यह लक्ष्य पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए अफसर बाजारों में कैंप लगाकर दुकानों का टर्नओवर चेक करेंगे। कैंप में कंप्यूटर और इंटरनेट की व्यवस्था रहेगी, ताकि तत्काल रजिस्ट्रेशन किया जा सके।
जीएसटी लागू होने के बाद सरकार ने सेवा क्षेत्र के उन व्यापारियों को भी इस कर के दायरे में रखने की तैयारी कर ली है जो अब तक छूटे हुए थे। जीएसटी में सर्विस सेक्टर के अनेक नए कारोबारों को भी शामिल किया गया है। लिहाजा राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग ने अब सर्विस सेक्टर से जुड़े व्यापारियों को पंजीकरण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य वस्तु एवं सेवा कर के ज्वाइंट कमिश्नर एचपी राव दीक्षित ने बताया कि इसके तहत अगस्त माह के अंत में एक मेगा पंजीकरण कैंप शहर और तहसील मुख्यालयों पर आयोजित होगा। इसके अलावा व्यापारियों को पंजीकरण के लिए प्रेरित करने के लिए ब्लॉक मुख्यालयों पर भी प्रत्येक सप्ताह ई-चौपाल का आयोजन होगा। कैंपों में जीएसटी की खूबियां बताने के लिए पावर प्रजेंटेशन भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जीएसटी के प्रावधानों में अब उन लोगों का भी पंजीकरण कराया जाएगा, जिन्होंने अपने गोदाम लीज पर दिए हुए हैं। इसी तरह मॉल और दुकान को लीज पर देने वाले व्यापारियों का भी पंजीकरण होगा। जीएसटी में लीज देने की कार्रवाई को सर्विस सेक्टर का व्यापार माना जाएगा।
- राज्य वस्तु एवं सेवा कर के अफसर बाजारों में कैंप लगाकर दुकानों के टर्नओवर चेक करेंगे