दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस कॉरिडोर का एनीमेटिड प्रजेंटेशन दिल्ली में हो चुका है। इस पर गंभीरता से मंथन किया गया और इसे मेरठ समेत अन्य सभी जिलों के अधिकारियों को भेजा गया है। लगभग ढाई मिनट के इस वीडियो में जहां इसकी पूरी खूबियां बताई गई हैं, तो वहीं यह भी दिखाया गया है कि यह प्रोजेक्ट कितना शानदार और नयनाभिराम होगा।
दिल्ली से मेरठ के बीच प्रस्तावित एक्सप्रेस वे को मेरठ ही नहीं बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके लिए भू-अधिग्रहण पर काम चल रहा है। मेरठ में मुआवजा बंट रहा है। जहां प्रकरण अटके हैं, उन्हें निपटाने का प्रयास किया जा रहा है। मेरठ में एक्सप्रेस वे के लिए प्रशासनिक काम पूरा हो चुका है। 12 गांवों की जमीन का अधिग्रहण कर लगभग 500 करोड़ रुपये बतौर मुआवजा बांटा जा चुका है। सरकारी दस्तावेजों में इन गांवों की जमीन का कब्जा हो गया है।
उधर, एनएचएआई ने भी कब्जे की तैयारी कर दी है। यहां पिलर लगाए जाएंगे। डासना से मेरठ बच्चा पार्क तक लगभग 34 किमी तथा बीच का एक पार्ट लगभग नौ किमी यानी कुल लगभग 43 किमी का यह हिस्सा है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर चार चरण में काम होगा
पहला चरण
06 लेन एक्सप्रेस वे और 08 लेन नेशनल हाइवे-24 दिल्ली के सराय काले खां, आउटर रिंग रोड दिल्ली से गाजीपुर तक है। जिसकी कुल लंबाई 8.70 किमी है। इस पर 28 नवंबर 2016 से कार्य शुरू किया जा चुका है।
दूसरा चरण
06 लेन एक्सप्रेस वे व 08 लेन नेशनल हाइवे-24 में गाजीपुर से डासना है। जिसकी कुल लंबाई 19.20 किमी है। इस कार्य के लिए टेंडर प्राप्त हो चुके हैं तथा कार्यों का आवंटन किया जाना है।
तीसरा चरण
06 लेन एक्सप्रेस वे व 02 लेन सर्विस रोड बननी है जोकि डासना से हापुड़ तक है। इसकी लंबाई 22.2 किमी है। इसका काम भी 19 दिसंबर 2016 से प्रारंभ किया जा चुका है।
चौथा चरण
06 लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे डासना से मेरठ तक है। जिसकी कुल लंबाई 32 किमी है। इस पैकेज के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
यह होंगी इस प्रोजेक्ट की विशेषताएं
. निजामुद्दीन से शुरू होगा एक्सप्रेस वे
. सिग्नल फ्री जंक्शन होंगे
. यमुना के ऊपर से दो पुल का निर्माण करके कुल 14 लेन बनेंगी
. दिल्ली से डासना तक छह लेन एक्सप्रेस वे मध्य में तथा चार-चार लेन का हाईवेदोनों तरफ होगा
. लोकल यातायात को सुगम करने को अंडर पास बनेंगे, यहां दो लेन एलीवेटेड होंगी
. प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए ढाई मीटर चौड़ा साइकिल ट्रैक बनेगा
. पेरीफेरल एक्सप्रेस वे डासना के निकट दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस को क्रॉस करेगा, जहां फुल प्लोवर लीफ जंक्शन बनेगा
. 14 ब्रिज, छह पुल, 22 व्हीकुलर अंडर पास, एक रेलवे पुल एवं आठ भूमिगत पैदल पार पथ एवं 12 ऊपर पैदल पार पथ बनेंगे
. इलेक्ट्रिॉनिक टोल कलेक्शन होगा
. 120 किमी की रफ्तार से गाड़ी चलाई जा सकेगी
. पिलखुवा में साढ़े चार किमी एलीवेटेड मार्ग एक पिलर पर बनाया जाएगा
. डासना से मेरठ तक नया एक्सप्रेस वे
. यह स्मार्ट एक्सप्रेस होगा
. इस वे पर मौसम, दुर्घटना और यातायात से जुड़ी सभी जानकारी अलग-अलग स्थानों पर मिल सकेगी
. वे साइड एम्युनिटीज दी जाएगी, जिसमें स्वास्थ्य केन्द्र, पेट्रोल पंप, रेस्तरां, वाहन मरम्मत, आराम घर आदि बनाए जाएंगे।