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कुतों की नसबंदी पर हाईकोर्ट मांग रहा जवाब

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- पांच अप्रैल को न्यायालय में होगी सुनवाई
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- नगर निगम ने एनिमल केयर सोसायटी को दे रखी है नसबंदी की जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। महानगर में मुख्य मार्ग हो या गली, या फिर अस्पताल और अन्य सार्वजनिक स्थल सभी पर कुत्तों का जमावड़ा देखा जा सकता है। कुत्तों के काटने से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो नगर निगम प्रशासन को पांच अप्रैल को तलब कर लिया। जिसमें निगम प्रशासन को कुत्तों की नसबंदी के संबंध में प्रमाण देने होंगे।
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शहर में आवारा कुत्तों का आतंक है। जिला अस्पताल, मेडिकल, कैलाश प्रकाश स्टेडियम, नगर निगम, एमडीए परिसर में भी आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। कई बार यहां आने वाले लोगों को ये कुत्ते काट चुके हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन कुत्तों के काटने से घायल हुए मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस समस्या को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका डाली थी। इस पर न्यायालय ने नगर निगम प्रशासन को शीघ्र कुत्तों को शहर से बाहर करने और नसबंदी कराने का आदेश जारी किया था। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने एनिमल केयर सोसायटी को कुत्तों की नसबंदी के लिए अधिकृत किया। बताया जा रहा है कि संस्था ने परतापुर क्षेत्र में कुत्तों की नसबंदी के लिए केंद्र खोला है। साथ ही शहर में जगह-जगह नसबंदी की जा रही है। आगामी पांच अप्रैल को नगर निगम प्रशासन कुत्तों की नसबंदी से संबंधित रिकार्ड न्यायालय में प्रस्तुत करेगा। इससे पहले बुधवार को नगर निगम प्रशासन ने एनिमल केयर सोसायटी के अध्यक्ष अंशुमन माली के साथ बैठक की। इसमें संस्था को अभियान के रूप में कुत्तों की नसबंदी शुरू करने के लिए निगम ने अपने संसाधन देने पर सहमति जता दी है। इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी चल रही है। हम संस्था को बताएंगे कि किस स्थान पर अभियान के रूप में नसबंदी की जा सकती है।
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