अवस्थापना निधि में निगम को मिले 25 करोड़
मेरठ। शहर के विकास के लिए अवस्थापना निधि में भी निगम को 25 करोड़ रुपये मिल गए हैं। जिससे शहर के विकास में चार चांद लगेंगे। नगर निगम का प्रयास है कि आचार संहिता लगने से पहले विकास कार्यों की नींव रखी जाए। इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने अवस्थापना निधि से होने वाले कार्यों के प्रस्ताव तैयार कराने शुरू कर दिए हैं।
महानगर में नगर निगम बोर्ड फंड, अवस्थापना, टीएफसी, राज्य वित्त आयोग के खजाने से विकास कार्य यानी सड़क, नाले, नाली आदि का निर्माण कराया जाता है। एक माह पहले ही 51 करोड़ रुपये से अवस्थापना, टीएफसी के प्रस्ताव पास किए गए। टेंडर भी निकाले गए। हालांकि अभी तक 51 करोड़ से होने वाले विकास कार्यों की नींव नहीं रखी गई है। सभी पार्षदों के प्रस्तावों पर अवस्थापना निधि में कार्य न लगने का भी बोर्ड बैठक में विरोध हुआ था। अवस्थापना निधि में 25 करोड़ रुपये आने के बाद पार्षद और शहर की जनता को विकास की आस जगी है। अब ऐसे सभी पार्षदों के वार्डों में विकास कार्य हो सकेंगे जिनके प्रस्ताव पिछली अवस्थापना की बैठक में पास नहीं हो पाए थे। इस निधि से जहां सड़कें बनायी जाएंगी वहीं नाले, नाली आदि पर भी कार्य होंगे।
इस संबंध में अपर नगरायुक्त अमित सिंह का कहना है कि अवस्थापना निधि में मिले धन से होने वाले कार्यों के भी प्रस्ताव तैयार कराए जाएंगे। ताकि शीघ्र ही इस धनराशि का उपयोग भी शहर के विकास में हो सके।