कंपनी के चयन पर नगर निगम से जवाब तलब
कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने आईएलएंडएफएस कंपनी से किया है अनुबंध
पूर्व अनुबंध के आधार पर महाराष्ट्र की कंपनी गई कोर्ट, हाईकोर्ट ने 21 फरवरी से पहले मांगा जवाब
मेरठ।
गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने वाली कंपनी की चयन प्रक्रिया का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने 21 फरवरी तक नगर निगम प्रशासन से जवाब मांगा है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर समय से जवाब दाखिल नहीं किया गया तो न्यायालय महाराष्ट्र की कंपनी के पक्ष में स्टे ऑर्डर जारी कर देगा।
शासन के निर्देश पर नगर निगम ने गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने का निर्णय लिया था। 2017 में निगम ने कंपनियों को प्लांट लगाने के लिए आमंत्रित किया था। इसमें महाराष्ट्र की आर्गेनिक रिसाइक्लिंग प्रा. लि. कंपनी ने प्रजेंटेशन दी थी। बताया जा रहा है कि नगर निगम और कंपनी के बीच अनुबंध भी हो गया था। उसी के आधार पर एक जनवरी 2018 को गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए भूमि पूजन किया गया था। कई माह तक प्लांट लगाने को लेकर जद्दोजहद होती रही। लेकिन प्लांट नहीं लगा।
पिछले साल उप्र सरकार ने लखनऊ में समिट बुलायी। वहां 400 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण के लिए
दिल्ली की कंपनी आईएल एंड एफएस से अनुबंध कर लिया। इसके विरोध में महाराष्ट्र की कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई थी। हाईकोर्ट ने नगर निगम से 21 फरवरी तक हलफनामा मांगा है। बताया जा रहा है कि अगर नगर निगम ने अपना पक्ष न्यायालय में दाखिल नहीं किया तो महाराष्ट्र की कंपनी के पक्ष में स्टे ऑर्डर भी हो सकता है।