अधिकारियों पर नहीं विश्वास, न्यायिक जांच की मांग
मेरठ/कंकरखेड़ा/सहारनपुर। देवबंद में दरोगा के आत्महत्या करने के मामले में आरोपियों पर कार्रवाई न होने को लेकर दरोगा के परिजनों में आक्रोश है। परिजनों का कहना है कि हमने अपना बेटा खोया है तो महकमे ने भी एक सब इंस्पेक्टर खो दिया। फिर भी विभाग के अधिकारियों को उसका कोई दु:ख क्यों नहीं। परिजनों ने प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग की है।
देवबंद क्षेत्र की रणखंडी चौकी पर तैनात प्रशिक्षु दरोगा कुलदीप सिंह निवासी श्रद्धापुरी के आत्महत्या करने के मामले में दरोगा के पिता अशोक सिंह व उनके बहनोई सुधीर बालियान ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर द्वारा किए गए मानसिक उत्पीड़न से आहत होकर कुलदीप ने आत्महत्या की। पूरा मामला सामने आने के बाद भी अफसर आखिर चुप क्यों हैं। इस उदासीन रवैये को देखकर उन्हें नहीं लगता कि आरोपियों को सजा मिलेगी। इसलिए वह मामले की न्यायिक जांच कराना चाहते हैं। परिजनों का यह भी आरोप है कि आखिर इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
स्वाभिमानी था कुलदीप
दरोगा कुलदीप के बहनोई का आरोप है कि कुलदीप ने देवबंद में ड्यूटी ज्वाइन की थी। वह तब से ही परेशान था। कई बार उसने उन्हें बताया कि वह बहुत स्वाभिमानी है। आरोप है कि इंस्पेक्टर किसी काम के लिए बुलाते थे तो गाली देकर बात करते थे। इसके अलावा ठेकों से शराब की बोतल व खोखों से गुटका-सिगरेट मंगवाते थे। जोकि उसे बुरा लगता था। क्योंकि वह किसी प्रकार का कोई नशा नहीं करता था। इसके अलावा इंस्पेक्टर अपने जूते पालिश करने के लिए कहते थे। कई बार सस्पेंड कराने की धमकी भी दी गई। वहीं, शनिवार को तेरहवीं में परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था।
आज खुलेगी सील
परिजनों के आने पर रविवार को कुलदीप के कमरे की सील खोली जाएगी। कमरे की स्थिति देखी जाएगी और वहां से आरोपों के संबंध में सुबूत तलाश किए जाएंगे। साथ ही कुलदीप के साथियों से पूछताछ की जाएगी। आईओ एसपी देहात विद्यासागर ने बताया कि कुलदीप के साथ रहने वाले पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी। अभिलेख एकत्रित किए जा रहे हैं। उसे कितना काम दे रखा था, कहां-कहां तैनात किया गया। क्या-क्या जिम्मेदारी दे रखी थी। किस तरह से बात की गई। इन सबका रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। थाने पर तैनात पुलिस कर्मियों से पूछताछ की जाएगी कि थाना प्रभारी का व्यवहार कुलदीप और अन्य पुलिसकर्मियों के प्रति कैसा था।