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गन्ने की खबर

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गन्ने की फसल में गिरावट से 480 करोड़ से अधिक का नुकसान
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बिजनौर में डेढ़ करोड़ क्विंटल तक कम उपज निकलने का अनुमान
देर से हुई अधिक बारिश से फसल के उत्पादन में आई भारी गिरावट
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर। बारिश ने इस साल गन्ना किसानों का गणित बिगाड़ दिया है। खेतों में गन्ने की फसल 15 से 17 प्रतिशत तक कम निकल रही है। जिले में इस साल देरी से हुई अधिक बारिश को इसकी वजह माना जा रहा है। उत्पादन में गिरावट के कारण इस साल जिले में गन्ना डेढ़ करोड़ क्विंटल तक कम होना तय माना जा रहा है। इससे किसानों को 480 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होगा और चीनी उत्पादन में भी 15 प्रतिशत तक कमी आएगी, जिससे भविष्य में चीनी के दाम बढ़ने के पूरे आसार हैं।
गन्ना जिले के किसानों की प्रमुख फसल है। जिले की खेती के कुल रकबे से आधी जमीन करीब दो लाख दस हजार हेक्टेअर में केवल गन्ने की फसल बोई जाती है। गन्ने की फसल पैदा करने में किसान कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। पिछले साल जिले की चीनी मिलों में गन्ना उत्पादन दस करोड़ क्विंटल से भी अधिक हुआ था। उत्पादन अधिक होने से चीनी भी बंपर बनी थी। जिले की चीनी मिलों में चीनी रिकवरी 13 प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच गई थी। जिले में गन्ना उत्पादन बंपर होने से किसानों की आमदनी में भी भारी बढ़ोतरी हुई। किसानों ने पिछले साल गन्ने का रकबा बढ़ा दिया था, लेकिन इस साल गन्ने की फसल से किसानों को दोहरी निराशा हुुई है। किसानों को उम्मीद थी कि चुनावी साल होने के कारण इस बार सरकार गन्ना मूल्यों में अच्छी खासी वृद्धि करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब गन्ने के कम उत्पादन ने किसानों को और निराशा दी है।
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पिछले साल के मुकाबले प्रति बीघा 10 से 15 क्विंटल गन्ना कम निकल रहा है। इस साल अधिक बारिश होने से गन्ने का फैलाव नहीं हुआ और साथ ही गन्ने की फसल पहले के मुकाबले कम विकसित हुई। देर से हुई बारिश से गन्ने की पैदावार हल्की रह गई। पिछले साल गन्ने का उत्पादन दस करोड़ क्विंटल से अधिक हुआ था। लेकिन इस साल गन्ने की पैदावार 15 से 18 प्रतिशत तक कम है। गन्ना विभाग की क्रॉप कटिंग में भी गन्ना उत्पादन पांच क्विंटल प्रति बीघा तक कम निकला है।
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साल बारिश गन्ना चीनी कीमत औसत उत्पादन
2009 584.20 461 44 639 530.41
2010 1369.11 619 60 1473 555
2011 821.92 611 60 1248 550
2012 572.30 699 66 1669 576.88
2013 1125.26 765 75 2119 584.72
2014 897.25 663 64 1843 599.32
2015 935.50 794 82 2218 657.44
2016 962.76 746 84 2100 686.56
2017 984 891 104 2761 784.04
2018 1072 1036 125 3400 843.50
नोट:आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं। गन्ना करोड़ क्विंटल व चीनी लाख क्विंटल में है। बारिश के आंकड़े मिली मीटर हैं।
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गन्ने की फसल जुलाई और अगस्त महीने में ज्यादा बढ़ती है। उस समय बारिश नहीं हुई और बाद में ज्यादा बारिश हुई। इससे गन्ने मोटा नहीं हुआ और उसकी ऊंचाई भी ज्यादा नहीं हुई।
-डा. डीएन मिश्रा, प्रभारी, कृषि अनुसंधान केंद्र, नगीना।
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गन्ने की पैदावार पिछले साल के मुकाबले कम है। क्रॉप कटिंग में भी उत्पादन 5 क्विंटल प्रति बीघा तक कम सामने आ रहा है। किसान अपने खेतों में पैदावार और ज्यादा कम होने की बात कह रहे हैं।
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-संजीव मोहन, सचिव, गन्ना समिति, बिजनौर।
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इस बार गन्ने की फसल में किसानों को काफी नुकसान है। गन्ने की पैदावार 20 प्रतिशत तक कम है। शासन को गन्ने की फसल के बारे में सही जानकारी नहीं दी जा रही है। किसानों को गन्ने के दाम बढ़कर मिलने चाहिए।
-दिगंबर सिंह, जिलाध्यक्ष, भाकियू।
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