फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांवड़ में बैठा पांच बेटे अपने माता पिता को लेकर लौटे

विज्ञापन
विज्ञापन
माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर लौटे पांच बेटे
विज्ञापन

मुरादनगर। हरियाणा के जिला पलवल के गांव फुलवारी के रहने वाले पांच बेटे माता-पिता को श्रवण कुमार की तरह झूले में बैठाकर हरिद्वार से कांवड़ लाए। बृहस्पतिवार को असालतनगर के पास पहुंचे पांचों बेटों का स्वागत किया गया। पिता की इच्छा पूरी करने के लिए बेटों ने यह कदम उठाया।
विज्ञापन

जिला पलवल के फुलवारी गांव निवासी चंद्रपाल सिंह के पांच बेटे बंसीलाल, अशोक, राजू, महेंद्र व जगपाल हैं। पत्नी रूपवती है। चंद्रपाल सिंह और उनके बेटे मजदूरी करते है। चंद्रपाल सिंह ने बताया कि उनकी इच्छा थी कि वह हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए। एक साल पहले उन्होंने बेटों से कांवड़ लाने की बात बताई। पांचों बेटों ने निर्णय लिया कि इस बार वह माता-पिता को श्रवण कुमार की तरह झूले में बैठाकर कांवड़ लाएंगे। चंद्रपाल सिंह के बड़े बेटे बंसीलाल ने बताया कि हम पांच भाइयों के अलावा गांव के पांच युवकों की मदद ली गई। 12 जुलाई को हरिद्वार में माता-पिता को गंगा स्नान कराकर कांवड़ उठाई थी। अशोक ने बताया कि वह दिन में आठ से 10 किमी की दूरी तय करते हैं। उन्होंने बताया कि पिता की इच्छा थी कि वह कांवड़ लाये, लेकिन अधिक उम्र होने के कारण हिम्मत नहीं हो रही थी। इसलिए पांचों बेटों ने उन्हें झूले में बैठाकर कांवड़ लाने का निर्णय लिया। उधर, महिला उन्नति प्रशिक्षण संस्थान ने बृहस्पतिवार को श्रवण कुमार की तर्ज पर मां-बाप की सेवा करने वाले फुलवारी गांव के पांच बेटों समेत 15 ऐसे लोगों को सम्मानित किया गया। संस्थान की अध्यक्ष दुर्गेश शर्मा ने यह जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें