गर्मी की मार से त्वचा बीमार
मेरठ। गर्मी के कारण त्वचा से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज की मई महीने की जारी की गई रिपोर्ट से पता चला है कि सबसे ज्यादा मरीज चर्म रोगों के आए हैं, इनकी संख्या 11634 रही। बाकी विभागों में विशेषज्ञों के पास इनसे काफी कम मरीज आए हैं।
पिछले साल के मुकाबले भी यह संख्या करीब डेढ़ हजार ज्यादा है। साल 2016 में मेडिकल कॉलेज में मई माह में 10 हजार 48 मरीज आए थे। वैसे, सबसे ज्यादा मरीज मेडिसिन विभाग में आते हैं, क्योंकि उसमें सभी सामान्य रोगों से संबंधित मरीजों को देखा जाता है, मगर विशेषज्ञों के पास आने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा त्वचा रोगों के आए हैं। इनमें फंगल इंफेक्शन और झुलसी त्वचा के मरीज हैं। आमतौर पर फंगल इंफेक्शन की समस्या बरसात या उमस के मौसम में बढ़ती है, मगर मेडिकल केत्वचा रोग विशेषज्ञ का मानना है कि शहर में बढ़ते प्रदूषण भी इसका एक अहम कारण है। ज्यादा गर्मी में पसीना ज्यादा आता है, जिससे शरीर की त्वचा खराब होने लगती है। झुलसी त्वचा में आसानी से फंगल इंफेक्शन हो जाता है। जो लोग चुस्त या सिंथेटिक कपड़े पहनते हैं उन्हें यह समस्या अधिक होती है।
सफाई पर ध्यान न देने, ज्यादा धूप में घूमने और सावधानी न बरतने से त्वचा रोगों के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। गर्मी में त्वचा रोगी सबसे ज्यादा आ रहे हैं। पारा 40 के आसपास है, इससे त्वचा रोगियों की संख्या काफी बढ़ गई है। डॉ. सूरजबली, त्वचा रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज
इस तरह बरतें सावधानी
हर रोज दिन में दो बार नहाएं तो और बेहतर
जूस और अन्य तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें
ज्यादा से ज्यादा सादा पानी पिएं
ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें
जरूरी न हो तो धूप में जाने से बचें
विभाग मरीज
चर्म रोग 11634
अस्थि रोग 8338
मनोरोग 2948
दंत रोग 2404
ईएनटी 7455
नेत्र रोग 7028
सर्जरी 5282
स्त्री एवं प्रसूति 4351
फिजियोथेरेपी 511
बाल रोग 4440
क्षय रोग 2256
रेडियोथेरेपी 038
पेन क्लीनिक 386
धीरे-धीरे बढ़ रहा मानसून, पारे ने पकड़ी तेजी
बढ़ती गर्मी से हुए लोगों का बुरा हाल, पारा पहुंचा 41 डिग्री के पास
अमर उजाला ब्यूरो
मोदीपुरम। मानसून धीरे-धीरे बढ़ रहा है, वहीं पारा तेजी पकड़ रहा है। सुबह से ही आसमान से आग बरसनी शुरू हो जाती है। वहीं रात में भी राहत नहीं मिल रही। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अभी चार दिन तक मौसम ऐसे ही रहेगा
पिछले दिनों आई बारिश के करण पारा लुढ़ककर 33 डिग्री तक पहुंच गया था, लेकन अब फिर से यह 41 तक पहुंच गया है। दो दिन से ज्यादा गर्मी पड़ रही है, जिस कारण पंखे और कूलर भी राहत नहीं दे पा रहे हैं। वहीं शाम को सूरज ढलने के बाद भी गर्मी का असर ऐसे ही रहता है। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 40.6 और न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 62 और न्यूनतम 33 प्रतिशत दर्ज की गई। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डॉ एन सुभाष का कहना है कि 24 से 48 घंटे में तापमान फिर से 42 के पास पहुंच सकता है। कृषि विवि के वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अभी वेस्ट यूपी में 25 जून तक गर्मी का असर बना रहेगा। फिर से एक सिस्टम बन रहा है, जिस कारण से 26 से बारिश आ सकती है।
समय से पहुंच सकता है मानसून
तेजी से बढ़ रहे मानसून की चाल बीच में धीमी हो गई थी, अब फिर से मानसून धीरे धीरे बढ़ रहा है। मेरठ में मानसून का 27 जून तक पहुंचने का समय है, लेकिन हर बार मानसून जुलाई में ही पहुंचता है। इस बार अच्छे मानसून के साथ समय से पहुंचने के आसार है। मानसून के आने पर ही भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
पिछले छह दिन का तापमान
तारीख अधिकतम न्यूनतम
16 35.4 27.5
17 33.6 23.9
18 36.0 24.5
19 37.8 24.6
20 40.2 25.2
21 40.6 25.7