कैंट में फिर होने लगा धड़ल्ले से अवैध निर्माण
मेरठ। सीईओ के तबादला संबंधी आदेश आने के बाद से कैंट इलाके में अवैध निर्माण की स्पीड बढ़ गई है। आलम ये है कि आबूलेन तक पर दो दिन में ही कई दुकानों के लिंटर डाल लिए गए हैं। इसको लेकर आबूलेन के व्यापारियों में खासा रोष है।
पिछले सप्ताह कैंट बोर्ड के सीईओ राजीव श्रीवास्तव का तबादला जयपुर के लिए हो गया था। उनकी जगह पर मुंबई के डीईओ को तैनात किया गया है। हालांकि अभी कुछ दिनों तक उनके ज्वाइन नहीं करने तक दिल्ली कैंट बोर्ड के डीईओ आलोक गुप्ता मेरठ कैंट बोर्ड का चार्ज लेंगे। क्योंकि राजीव श्रीवास्तव अभी यहीं हैं, ऐसे में आलोक गुप्ता ने ज्वाइन नहीं किया है। लेकिन सीईओ के तबादला आदेश आने के बाद से कैंट इलाके में हो रहे अवैध निर्माण की स्पीड बेहद तेजी से बढ़ गई है। हालात ये हैं कि आबूलेन तक पर अवैध निर्माण हो गया। व्यापारियों के मुताबिक बंगला नंबर 173 के पास अवैध तरीके से दो दिन में ही कई दुकानों के लिंटर डाल दिए गए हैं। बंगला नंबर 210बी के पास भी अवैध निर्माण चल रहा था। चाट बाजार के पास स्थित एक रेस्टोरेंट के पास भी अवैध निर्माण की शिकायत की जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि खुलेआम हो रहे अवैध निर्माण के बावजूद कैंट बोर्ड के अफसर चुप्पी साधे हुए हैं।
पहले पार्किंग अब बन रही फड़
वहीं, आबूलेन पर अमृत होटल के पास कैंट बोर्ड ने तीन साल पहले पार्किंग बनाने का प्रस्ताव पास किया था। लेकिन अब यहां पर फड़ बनाई जा रही है। विकसित बाजार में फड़ बनाए जाने को व्यापारी गलत बता रहे हैं। वहीं, इस बारे में कैंट बोर्ड प्रवक्ता एम. ए जफर का कहना है कि फड़ बनाए जाने का प्रस्ताव कैंट बोर्ड की बैठक में पास हुआ था। जिसके बाद यहां अब फड़ बनाए जाने का काम चल रहा है।
ये बात बिल्कुल ठीक है। अवैध निर्माण की शिकायतें मिली हैं। कैंट बोर्ड की तरफ से त्वरित कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एमए जफर, कैंट बोर्ड प्रवक्ता
खास बात
सीईओ के तबादला आदेश आने के बाद से कैंट में बढ़ी अवैध निर्माण की स्पीड