कंकरखेड़ा (मेरठ)। पाकिस्तान में कुछ ऐसे लोग भी रहते हैं, जो दूसरे धर्मों का सम्मान करते हैं। यह बात पाकिस्तान की यात्रा से लौटे सिख जत्थे के मुखिया ने रविवार को कही।
श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से विगत दो नवंबर को 62 लोगों का सिख जत्था पाकिस्तान यात्रा पर गया था। जत्थे के मुखिया सुभाष पुरी कॉलोनी कंकरखेड़ा मेरठ निवासी सरदार प्रीतम सिंह थे। प्रीतम सिंह ने बताया कि जत्था सबसे पहले पाकिस्तान स्थित श्री गुरुनानक देव के जन्मस्थान ननकाना साहिब और पंजा साहिब पहुंचा। वहां से लाहौर गया।
बकौल प्रीतम सिंह अपनी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले पाकिस्तान में कुछ अच्छे लोग भी बसते हैं। प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारे से करीब दो किलोमीटर लंबी गुरुपर्व यात्रा निकाली गई थी। जिसमें काफी संख्या में लोग मौजूद थे। पाकिस्तान के एक मुस्लिम व्यक्ति ने जहां से यात्रा शुरू हुई और जहां संपन्न हुई, वहां तक शानदार कालीन बिछवाकर यात्रा का सम्मान किया। इस कालीन की कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई गई। जो सिख समाज को ही भेंट कर दी गई। सभी सिख भाईयों ने उस व्यक्ति का हृदय से आभार व्यक्त किया। यात्रा के सम्मान में पूरे मार्ग पर कालीन को बिछाने में भी मुस्लिम युवक ही लगे हुए थे। पाकिस्तान के कुछ मुस्लिम लोग यात्रा की सेवा कर रहे थे और यात्रा की व्यवस्था बना रहे थे।
परेशानी भी हुई
सरदार प्रीतम सिंह के अनुसार इसके अलावा कुछ जगहों पर थोड़ी बहुत दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। कई जगहों पर कुछ मुस्लिम लोग बिना बात ही अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। कोई उन्माद हो, इसके लिए प्रयास कर रहे थे। उन्हें कुछ मुस्लिम लोग बार-बार धमकाकर भगा देते थे।
- पाकिस्तान से लौटे सिख जत्थे ने सुनाई दास्तान