मेरठ। दिल्ली रोड स्थित मंगतपुरम में सरकारी भूमि पर खड़े हो चुके कूड़े के पहाड़ और बढ़ते प्रदूषण के मामले पर नगर निगम प्रशासन फंसता नजर आ रहा है। हाईकोर्ट ने भी निगम प्रशासन को जमकर फटकार लगायी है। साथ ही 24 घंटे के भीतर मौके की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि इस मामले में नगर निगम प्रशासन कोर्ट की अवमानना में भी फंस सकता है।
आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर की हुई है। जिसमें आरोप है कि दिल्ली रोड स्थित मंगतपुरम में सरकारी भूमि पर कई साल से नगर निगम द्वारा शहर का कूड़ा डाला जा रहा है। कूड़ा इतना अधिक हो गया है कि मौके पर कूड़े के पहाड़ खड़े हो गए हैं। कूड़े से निकलने वाली दुर्गंध और विषैली गैस ने जनता का सांस लेना भी दुर्भर कर दिया है। पूरे शहर का पर्यावरण पूरी तरह दूषित हो गया है।
लोकेश खुराना का कहना है कि बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में तारीख थी। नगर निगम के अधिवक्ता ने नगर निगम का पक्ष रखते हुए न्यायालय के सामने कहा है कि मंगतपुरम से कूड़े के ढेर साफ हो गए हैं। लेकिन नगर निगम की तरफ से कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिए गए हैं। जिस पर न्यायाधीश ने नगर निगम को 24 घंटे का समय दिया है कि वह मौके की सही स्थिति से अवगत कराए। इस मामले पर आज बृहस्पतिवार को फिर सुनवाई होगी। मौके पर पड़े कूड़े के ढेर से माना जा रहा है कि नगरायुक्त और डीएम पर कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही भी हो सकती है।