सड़कों को खोदकर शहर को बदसूरत बनाने में जल निगम का कोई सानी नहीं है। जल निगम द्वारा बनाई सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। वहीं, सड़क के बीचोंबीच डाली गई सीवर लाइन के मेनहोल भी जान का दुश्मन बने हैं। शहर के वीआईपी क्षेत्र की सड़कों का हाल किसी से छिपा नहीं है। वैसे तो शहर और देहात की अधिकतर सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। शासन भले ही इसके प्रति गंभीर हो, लेकिन विभागीय अधिकारी ऐसे नहीं दिख रहे हैं।
जल निगम ने शहर की सड़कों को खोदकर पानी और सीवर की लाइन डाली। अधिकतर सड़कों को जल निगम ने बनवाया भी, लेकिन पाइप लाइन लीकेज होने और बरसात के चलते सड़क बैठ जाने से गड्ढे गहरे हो गए हैं। कई स्थानों पर तो सड़क उखड़ गई है। सड़कों के गड्ढ़े और बीचोंबीच बने सीवर लाइन के मेनहोल महानगरवासियों की जान के दुश्मन बने हैं। इनसे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
पीडब्लूडी कार्यालय के बाहर से डीआईजी कार्यालय, सर्किट हाउस, विक्टोरिया पार्क और ट्यूबवेल कालोनी की सड़क खोदकर जल निगम ने पाइप लाइन डाली थी। इससे सड़क की हालत बद से बदतर हो गई है। यह इलाका कहने के लिए वीआईपी है। यहां से पीडब्लूडी अधिकारी ही नहीं बल्कि जल निगम, पुलिस के आला अधिकारी और सरकार के मंत्री भी गुजरते हैं। इसलिए सड़क का हाल किसी से छिपा नहीं है। इसके बावजूद अधिकारी सड़कों की मरम्मत कराने के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
बरसात में डेंस कार्य नहीं कराया जा सकता है। हमने पूर्व में सड़क बनवाई थी। सड़क बैठ जाने की वजह से इसमें गड्ढे हो गए हैं। सड़कों को शीघ्र दुरुस्त कराया जाएगा।-मुन्ना सिंह, परियोजना प्रबंधक, सीवर जल निगम
मुख्य बातें
अमर उजाला अभियान
एक साल में भी सड़कों को दुरुस्त नहीं कर पाया जल निगम
सीवर के मेनहोल दे रहे हादसों को दावत