पटरी से उतर रही है पालिका
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना।
नगर पालिका में निजाम बदले बमुश्किल तीन सप्ताह बीते हैं। इसके बाद से ही नगर में दिन में भी स्ट्रीट और हाईमास्ट लाइट जलती रहती हैं। वहीं, सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति की सही जानकारी पालिका के किसी अधिकारी को नहीं है।
उल्लेखनीय है कि चेयरपर्सन डा. नीरा चंद्रा का कार्यकाल पूर्ण हुए बमुश्किल तीन सप्ताह बीते हैं। अभी से पालिका में लापरवाही का दौर शुरू हो गया है। इस समय पूरा प्रदेश बिजली की कमी से जूझ रहा है। हालांकि इसका असर शायद मवाना नगर पालिका पर नहीं है। इसीलिए नगर में जहां-तहां स्ट्रीट लाइटें और हाईमास्ट लाइटें दिन में भी जलती रहती हैं। इस ओर ध्यान देने की किसी पालिका कर्मचारी एवं अधिकारी जरूरत नहीं समझ रहे हैं।
चेयरपर्सन डा. नीरा चंद्रा के कार्यकाल में सफाई कर्मचारियों की बायोमीट्रिक से चार बार उपस्थिति दर्ज हुआ करती थी। जिसको लेकर कई बार अखिल भारतीय सफाई कांग्रेस संगठन द्वारा विरोध भी दर्ज कराया गया था। इसके बावजूद इस तरह उपस्थिति का कार्य जारी रहा था। इसका असर था कि सफाई कर्मचारी नियत समय से ड्यूटी पर पहुंचते थे। अब पालिका के किसी भी अधिकारी को सही प्रकार से जानकारी नहीं है किस-किस समय उपस्थिति ली जा रही है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संतोष चतुर्वेदी का दिन में लाइट जलने के संबंध में कहना है कि इन्हें बंद कराया जाएगा। वहीं, लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। उधर, सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति के संबंध में उनका कहना है कि दो बार उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है। उपस्थिति दर्ज कराने का समय सुबह आठ एवं शाम पांच बजे है। वहीं, जेई जयपाल सिंह का कहना है कि उपस्थिति सुबह 7.30 बजे, दोपहर में दो बजे है। लिपिक अनिल कुमार का कहना है कि सुबह 6.30 बजे, फिर 8.30 फिर दोपहर को 2.30 बजे उपस्थिति ली जा रही है। इससे अंदाजा लग सकता है कि प्रदेश में प्रथम स्थान पाने वाली नगर पालिका की कार्यप्रणाली चंद दिनों में किस तरह बदल गई है।
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दिन में जलती रहती हैं स्ट्रीट और हाईमास्ट लाइटें
सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति के समय की अफसरों को जानकारी नहीं