अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
कलक्ट्रेट कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। फरियादी या अपना काम लेकर आने वाले लोग परेशान हैं। वहीं अधिकारी भी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कार्यालयों की तालाबंदी के बीच डीएम ऑफिस में बैठकर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
ये है कलक्ट्रेट की स्थिति
कलक्ट्रेट कर्मचारियों की हड़ताल के कारण अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, एसडीएम सदर, अपर जिलाधिकारी भूमि अध्यापित, अपर जिलाधिकारी नगर और सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर तालाबंदी है। कोई भी अधिकारी अपने कार्यालय में नहीं बैठ रहा है। हालांकि कार्यालयों की चाबी अधिकारियों के पास है, लेकिन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी हड़ताली कर्मचारियों के बीच होने से बंद ताले नहीं खुल पा रहे हैं। इसके अलावा कलक्ट्रेट के संयुक्त कार्यालय, इंग्लिश आफिस, शस्त्र अनुभाग, नजारत आदि पर भी पूरी तरह ताला बंदी है।
हो रहा ये हाल
कलक्ट्रेट में दिनभर सैकड़ों लोग अपने शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण, हैसियत व चरित्र प्रमाण पत्र आदि के साथ तमाम फरियादें लेकर आते हैं। इसके अलावा धार्मिक , राजनीतिक, सामाजिक आयोजनों की स्वीकृति भी कलक्ट्रेट से मिलती है। ऐसे में तमाम कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ठेकेदारों को हैसियत और चरित्र प्रमाण पत्रों की जरूरत पड़ रही है, लेकिन हड़ताल के चलते कुछ नहीं हो रहा है।
सिटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ किया हंगामा
कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने शाम के समय सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर हंगामा किया और जमीन पर लेट गये। सुरेश शर्मा ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट कर्मचारियाें को बंधक बनाकर धमकाते हुए काम करा रहे हैं। इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं सकी।
लंबी चलेगी हड़ताल
कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के समर्थन में शनिवार को पूरे उत्तर प्रदेश के कलक्ट्रेट कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। जिसमें मेरठ तहसील के तीन कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग मुख्य है। यदि मांग पूरी न हुई तो कर्मचारी प्रदेश व्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।