मेरठ। ट्रक परमिट को लेकर शुक्रवार को आरटीओ में बखेड़ा हो गया। परमिट लेने पहुंचे एक अधिवक्ता ने जहां एआरटीओ पर दलालों से पिटवाने का आरोप लगाया, वहीं एआरटीओ एवं परमिट सेक्शन प्रभारी ने उन पर गालीगलौज करने का आरोप लगाया।
परमिट सेक्शन प्रभारी केपी मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार को राम रस्तोगी उनके कक्ष में आए और चांद कुरैशी पुत्र बाबू निवासी पूर्वा अब्दुल वाली गली के ट्रक नंबर यूपी 15सीटी 9373 का परमिट नहीं देने की बात कहते हुए गालीगलौज करने लगे। शोर सुनकर अन्य कर्मचारी भी उनके कक्ष में आ गए और राम रस्तोगी से उनका चांद कुरैशी के परमिट से संबंध होने की जानकारी मांगी। जिस पर रस्तोगी ने बताया कि उन्हें चांद कुरैशी ने भेजा है वे उसके क्लाइंट हैं। किसी ने भी उनके साथ मारपीट नहीं की।
वहीं राम रस्तोगी का कहना है कि वे एडवोकेट हैं और चांद कुरैशी उनके क्लाइंट हैं। ट्रक का परमिट लेने गए तो मना कर दिया गया। इस पर कुछ गर्मागर्मी हो गई तो एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि उनके इशारे पर वहां मौजूद दलालों ने उनके साथ मारपीट की। सूचना देकर नौचंदी पुलिस बुला ली। पुलिस के सामने पूरा मामला रखने के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। एआरटीओ रंजीत सिंह ने मारपीट के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि कुछ दलाल अपनी दुकान बंद होती देखकर दबाव बनाने के लिए इस तरह की हरकत करा रहे हैं। परमिट से एडवोकेट का कोई मतलब नहीं होने के बाद भी वह आफिस पहुंचा और कर्मचारियों से गालीगलौज करने लगा।
खास बात
- परमिट लेने पहुंचे अधिवक्ता ने लगाया एआरटीओ पर दलालों से पिटवाने का आरोप
- कर्मचारियों का अधिवक्ता पर गालीगलौज करने का आरोप, सूचना पर पहुंची पुलिस