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बिना पर्यावरण प्रमाण पत्र जून तक चलेंगे ईंट भट्टे

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पर्यावरण प्रमाण पत्र बिना ही चलेंगे 104 भट्ठे
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मेरठ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ईंट भट्ठों का संचालन मुश्किल हो गया है। क्याेंकि सुप्रीम कोर्ट ने बिना पर्यावरण विभाग की एनओसी के संचालन पर रोक लगाई हुई है। ऐसे में एनओसी को लेकर परेशान ईंट भट्ठा मालिकों को केंद्रीय पर्यावरण विभाग ने उनके आवेदन के आधार पर जून तक भट्ठा संचालन की छूट दी है।
मेरठ जनपद में करीब 225 ईंट भट्ठे हैं, जिनमें से मात्र आधा दर्जन को ही पर्यावरण विभाग से एनओसी मिली है और उनका संचालन हो रहा है। जबकि 104 ईंट भट्ठों ने लंबे समय से आवेदन किया हुआ है, लेकिन तमाम प्रक्रिया पूरी करने में ईंट भट्ठा मालिकों के पसीने छूट रहे हैं। करीब 20 दिन पूर्व राष्ट्रीय ईंट निर्माता समिति का प्रतिनिधिमंडल सांसद राजेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्द्धन से मिला था। ईंट भट्ठा मालिकों ने एनओसी को लेकर आ रही तमाम दिक्कतों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने आवेदन के साथ तमाम प्रक्रिया पूरी की हुई है, लेकिन जांच और सत्यापन आदि के फेर में एनओसी नहीं मिल पा रही है। जबकि ईंट भट्ठा संचालन का समय सिर्फ जून तक होता है। ऐसे में उन्हें आवेदन के आधार पर जून तक भट्ठा चलाने की अनुमति दे दी जाए। यदि तब तक एनओसी मिल जाती है तो भट्ठों का संचालन मौसम को देखते हुए चालू रखा जाएगा, नहीं तो बंद कर दिया जाएगा।
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इस पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति जताते हुए केंद्रीय पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आवेदन के आधार पर अनुमति पत्र जारी करने के निर्देश दिए। इसके बाद मेरठ के 104 ईंट भट्ठों के जून माह तक संचालन करने की स्वीकृति की सूची जारी हो गई।

डीएम ने दिए बंद कराने के आदेश
खनन विभाग बिना एनओसी के भट्ठा मालिकों को खनन की अनुमति नहीं दे रहा है। इस बीच जिलाधिकारी का आदेश भी बिना मानक चल रहे भट्ठों को बंद कराने का जारी हो गया। जिसमें ये भट्ठा मालिक भी पिस गए। ऐसे में ईंट भट्ठा मालिक अब अपने लिए अलग से आदेश कराने के प्रयास में लगे हैं।
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देरी बन रही नुकसान का कारण
अधिकांश भट्ठा मालिक मजदूरों को एडवांस देकर भट्ठों पर ला चुके हैं। जिनका खर्चा लगातार देना पड़ रहा है। लेकिन भट्ठे अभी तक चालू नहीं हुए हैं। ऐसे में भट्ठा मालिक बढ़ते खर्च को देख और ज्यादा परेशान हो रहे हैं।
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