50 टेलर रात दिन सिल रहे स्वयं सेवकों का गणवेश
मेरठ।
राष्ट्रोदय की तैयारी संघ परिवार लगभग पूरी कर चुका है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती स्वयं सेवकों के गणवेश को लेकर सामने आ रही है। इसके लिए निजी टेलर हायर कर रात दिन गणवेश तैयार कराए जा रहे हैं। अभी तक सवा दो लाख से ज्यादा गणवेश तैयार कर वितरित हो चुके हैं। जबकि बाकी पूर्ति के लिए रात दिन काम हो रहा है।
मेरठ प्रांत का स्वयं सेवक समागम 25 फरवरी को मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन में होने जा रहा है। आरएसएस ने इस कार्यक्रम को ‘राष्ट्रोदय’ नाम दिया है। इस स्वयं सेवक समागम में मेरठ प्रांत के 14 जनपदों से अब तक 3.11 लाख से ज्यादा स्वयं सेवकों का पंजीकरण हो चुका है। इन सभी स्वयं सेवकों को पूर्ण गणवेश में आना अनिवार्य किया गया है। एक तरफ जहां अब तक का सबसे बड़े इस स्वयं सेवक समागम की तैयारी को संघ परिवार जागृति विहार एक्सटेंशन में लगभग अंतिम रूप देता जा रहा है। वहीं अब स्वयं सेवकों तक गणवेश पहुंचाना बड़ा काम बना हुआ है।
मेरठ प्रांत के संघ नेताओं ने इस समागम में 2.51 लाख स्वयं सेवकों का लक्ष्य तय किया था। समागम के लिए हुए ऑनलाइन पंजीकरण में अब तक 3,11,578 पंजीकरण हो चुके हैं। जबकि मेरठ महानगर के स्वयं सेवक इसमें शामिल नहीं हैं, क्याेंकि यह स्वयं सेवक कार्यक्रम स्थल के भीतर समागम का हिस्सा नहीं बल्कि व्यवस्थाओं की कमान संभालेंगे। संघ के प्रचार प्रमुख अजय मित्तल ने बताया कि दो माह पहले शंकर आश्रम में करीब 80 हजार गणवेश का स्टॉक था, जिसे पंजीकरण होने के साथ-साथ वितरित कर दिया गया था। इसके बाद स्वयं सेवकों की बड़ी संख्या को देखते हुए 50 निजी टेलर हायर कर उनसे गणवेश तैयार कराने का काम शुरू किया गया।
ये है पूर्ण गणवेश और उसके दाम
गणवेश में खाकी पेंट (230 से 250 रुपये), सफेद कमीज (200 रुपये) टोपी (20 रुपये), बेल्ट (50 रुपये), मौजे (20 रुपये) और काले रंग के कपड़े के जूते (135 से 155 रुपये) है। इन सभी को उपलब्ध कराकर लगातार मेरठ प्रांत के जनपदीय संघ मुख्यालयों पर वितरण के लिए भेजा जा रहा है।