114 धार्मिक स्थलों पर लगे हैं बिना अनुमति लाउडस्पीकर
मेरठ। धार्मिक स्थलों पर बिना अनुमति लाउडस्पीकर न लगाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का जिला प्रशासन ने कागजी तौर पर सख्ती से पालन करा दिया है। अब जनपद में 2813 धार्मिक स्थलों में से मात्र 114 पर ही बिना अनुमति के लाउडस्पीकर लगे हैं।
जनपद में जिला प्रशासन ने पुलिस विभाग के माध्यम से 2813 धार्मिक स्थल चिन्ह्ति किये थे, जिन पर लाउडस्पीकर लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने सभी को नोटिस जारी किया था। बिना अनुमति लाउडस्पीकर न लगाने की चेतावनी देकर प्रबंधकों से अनुमति लेने को कहा था। इस नोटिस के बाद धार्मिक स्थलों के संचालकों ने अनुमति के लिए आवेदन किया था।
1935 ने ली अनुमति
देहात क्षेत्र में तहसील स्तर पर अनुमति प्रदान की गई तो शहर में एसीएम कार्यालयों से अनुमति जारी की गई। इस एक माह के भीतर जनपद में कुल 1935 धार्मिक स्थलों ने निर्धारित प्रतिबंधों के साथ लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति ली है। जबकि 878 धार्मिक स्थल ऐसे रहे, जिन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर भी प्रशासन से अनुमति नहीं ली। ऐसे धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई करते हुए 764 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतरवा दिये, जबकि 114 धार्मिक स्थल अभी भी प्रशासन के रिकार्ड में ऐसे हैं, जिन पर अभी बिना अनुमति के लाउडस्पीकर लगे हैं।
गणना व लाउडस्पीकर उतारने में खेल
पुलिस द्वारा धार्मिक स्थलों की जो गिनती की गई है, उसमें भारी गड़बड़ी है। जनपद में धार्मिक स्थलों की संख्या तीन हजार से ज्यादा है। पुलिस ने गिनती में कई धार्मिक स्थल छोड़ दिए हैं। ऐसे में जब गणना ही ठीक नही हुई तो लाउडस्पीकर किस तरह उतारे गए होंगे, समझा जा सकता है।
सार्वजनिक स्थलों पर भी हुई कार्रवाई
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जनपद में 87 सार्वजनिक स्थल ऐसे थे, जिन पर लाउडस्पीकर लगे हैं। इनमें किसी के पास भी अनुमति नहीं थी, लेकिन जब नोटिस जारी हुए तो 37 ने अनुमति ले ली। इसके बाद कार्रवाई करते हुए 41 सार्वजनिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारने की कार्रवाई की गई। लेकिन नौ सार्वजनिक स्थलों पर अभी भी बिना अनुमति लाउडस्पीकर लगे हैं।
अनुमति नहीं लेने पर होगी कार्रवाई
अपर जिलाधिकारी नगर मुकेश चंद्र और अपर जिलाधिकारी सत्यप्रकाश पटेल ने बताया कि लाउडस्पीकर को लेकर सभी थाना क्षेत्रों को निर्देश दिये गये थे। उसके तहत बड़ी कार्रवाई हुई है। जिन पर अभी भी बिना अनुमति लाउडस्पीकर लगे हैं, अब उनके खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।