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रिटर्न दाखिल न करने वालों पर शिकंजा

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रिटर्न दाखिल न करने वाले व्यापारियों पर शिकंजा
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत रिटर्न दाखिल न करने वाले व्यापारियों पर वाणिज्य कर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कुछ व्यापारियों पर कार्रवाई की गई है, जबकि कुछ रडार पर हैं, जिन्हें चिह्नित कर लिया गया है, इन पर शीघ्र ही कार्रवाई किए जाने की तैयारी है।
वाणिज्य कर विभाग ने दिसंबर माह में रिटर्न दाखिल न करने वाले व्यापारियों के खिलाफ अभियान चलाया। इनमें अनेक व्यापारियों ने ईवे बिल डाउनलोड तो किए थे, मगर मासिक रिटर्न और टैक्स जमा नहीं किया था। ऐसे व्यापारियों को चिह्नित किया गया और उनमें से 29 व्यापारियों की ईवे बिल सुविधा को ब्लॉक (बंद) कर दिया गया है। साथ ही व्यापारियों की जांच की गई है, जिसमें 14 व्यापारियों से रिटर्न दाखिल कराया गया है। इनसे चार करोड़ 72 लाख रुपये राजस्व जमा कराया गया है।
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इसके अलावा सर्विस सेक्टर के 30 व्यापारियों की जांच की गई। सचल दल इकाइयों द्वारा दिसंबर में 105 मामले अभिग्रहित करते हुए माल के मूल्य 282.38 लाख पर 103.73 लाख अर्थदंड जमा कराया गया है। इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर विजय नंदन सिन्हा ने बताया कि यह अर्थदंड दिसंबर 2016 की तुलना में लगभग तीन गुना है।
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वाणिज्य कर विभाग में इस साल 17 हजार 582 नए व्यापारी पंजीकृत हुए हैं। इस तरह वाणिज्य कर केतहत पंजीकृत होने वाले व्यापारियों की संख्या 51 हजार से ज्यादा हो गई है। वाणिज्य कर के एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि इनमें अधिकांश व्यापारी जीएसटी लागू होने के बाद पंजीकृत हुए हैं। टेट जीएसटी के कमिश्नर के आदेश हैं कि रिटर्न दाखिल न करने वाली फर्मों के स्थलों की नियमित जांच की जाए। इसकी सूचना निर्धारित प्रोफार्मा में हर सप्ताह इम्पलाई इन्फॉर्मेशन सिस्टम में दिए गए मॉड्यूल में उपलब्ध कराई जाए। निरस्तीकरण के योग्य पाई जाने वाली फर्म के मालिक को सात दिन के अंदर नोटिस दिया जाए। इसका जवाब व्यापारी को 30 दिन केभीतर देना होगा। जवाब से असंतुष्ट होने पर निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

खास बात
ईवे-बिल जमा न करने वाले 29 व्यापारियों की ईवे बिल सुविधा बंद
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